April 21, 2018, 1:51 am
‘श्रीराम जन्मभूमि उस संदूक की चाबी है, जिसमे हिन्दू शौर्य और गर्व कैद है’

‘श्रीराम जन्मभूमि उस संदूक की चाबी है, जिसमे हिन्दू शौर्य और गर्व कैद है’

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने साफ़ कह दिया है कि कोई समझौता नहीं होगा। राम मंदिर पर सुलह सुझाने वाले मौलाना सलमान नदवी को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बाहर कर दिया है। न्यायालय अभी गीता और रामायण के अंग्रेज़ी अनुवाद से आगे ही नहीं बढ़ सका है। ऐसा लग रहा है कि देश के संत समाज और आमजन को आगे आना होगा क्योंकि अब मंदिर निर्माण में 'आसुरी शक्तियां' बाधक बनती दिखाई दे रही हैं।

  ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने रविवार को एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है ' मुस्लिम मस्जिद को कभी छोड़ नहीं सकते, न ही मस्जिद के लिए जमीन को बदल सकते हैं और न ही मस्जिद की जमीन किसी को तोहफे में दे सकते हैं। बोर्ड ने कहा, बाबरी मस्जिद एक मस्जिद है और कयामत तक मस्जिद रहेगी। उसे शहीद करने से उसकी पहचान नहीं खो जाती। श्रीराम जन्मभूमि के सन्दर्भ में ये बयान बहुत महत्वपूर्ण होने के साथ आगामी भविष्य की झलक साफ़-साफ़ दिखा रहा है। उन्होंने कह दिया है 'कयामत तक मस्जिद रहेगी'। यानि कल को सर्वोच्च न्यायालय हिन्दुओं के पक्ष में निर्णय दे देगा तो भी ये पक्ष मानने वाला नहीं है। उन्होंने बाकायदा प्रेसवार्ता करके इस बात की घोषणा की है यानि वे ये संदेश पुरे देश और सरकार को देना चाहते हैं कि मंदिर निर्माण में वे अनंतकाल तक अड़ंगा डालने के लिए कमर कसकर बैठे हैं। पिछले चौबीस घंटों में एक बात तय हो चुकी है कि श्रीराम जन्मभूमि का ये रण लंबा चलने वाला है। चीफ जस्टिस एक अति महत्वपूर्ण प्रकरण को लंबी तारीखे देकर लगभग टाल रहे हैं। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने नए सिरे से ताल ठोंक ली है तो साफ़ है कि मामला फिर अदालत में उलझाने के मंसूबे रचे जा रहे हैं। मोदी सरकार संवैधानिक विवशता के चलते न्यायालय के आदेश को मानने के लिए बाध्य है। कुल मिलाकर अब श्री राम को 'संत समाज' की सहायता चाहिए। जब तक पुरे देश से एक साथ संत समाज उठ खड़ा नहीं होता, राम मंदिर के लिए बड़ी पहल नहीं होगी। आम जनता के मन में भाव जागे इसके लिए संतों को आगे आना आवश्यक हो गया है। 'श्रीराम जन्मभूमि उस संदूक की चाबी है, जिसमे हिन्दू शौर्य और गर्व कैद है। इसे खोलना ही होगा आज और अभी। कहाँ हो तपस्वियों, शंखनाद करो