April 20, 2018, 5:07 am
‘जावेरी चिकन’ खाने के बाद नरसिम्हा स्वामी के दर्शन को जाते हैं राहुल गांधी

‘जावेरी चिकन’ खाने के बाद नरसिम्हा स्वामी के दर्शन को जाते हैं राहुल गांधी

नरेंद्र मोदी जैसे कुशल राजनीतिज्ञ के सामने कांग्रेस ने राहुल गांधी जैसे नौसिखिये नेता को उतार कर अपनी पराजय लगभग तय कर दी है। भारत की जनता अब वोट देने के मामले में समझदार हो गई है। भारतीय नागरिक अब वोट देने से पहले देखते हैं कि प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार देश को चला सकता है या नहीं। कर्नाटक चुनाव के लिए राहुल और उनकी टीम जिस ढंग से प्रचार कर रहे हैं, उसे देखते हुए लग रहा है कि कर्नाटक में कांग्रेस के लिए जीत हासिल करना एक सपना बनकर रह जाएगा। आज राहुल गांधी दलितों के समर्थन में उपवास पर बैठे हैं और कल शाम वे कर्नाटक में मछली-चावल का आनंद उठा रहे थे। इस तरह की राजनीति से वे केंद्र में काबिज नहीं हो सकेंगे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री मछली खाने के बाद मंजुनाथ मंदिर जाते हैं तो राहुल 'जावेरी चिकन' खाने के बाद नरसिम्हा स्वामी के दर्शन को जाते हैं। क्या लिंगायत समुदाय ये सब नहीं देख रहा होगा। जिस लिंगायत को धर्म का दर्जा दिलाने के लिए कांग्रेस लड़ रही है, क्या वे इन नेताओं का मांस भक्षण कर मंदिरों में जाना स्वीकार कर पाएंगे। पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि राहुल गांधी को अफवाह फैलाना बंद करना चाहिए। रविशंकर प्रसाद ने ये आरोप इसलिए लगाया क्योंकि राहुल ने हाल ही में एक प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि मोदी सरकार अनुसूचित जाति जनजाति कानून को खत्म करने जा रही है। दलित समुदाय को भड़काने का ये दांव कांग्रेस को महंगा पड़ेगा क्योंकि एक गलत अफवाह को लेकर देश में दंगे भड़काए गए और इसका ठीकरा कांग्रेस पर ही फोड़ा जाएगा। कर्नाटक चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस के पास केवल जातिवाद का सहारा बचा रह गया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खाते में ऐसी कोई उपलब्धि नहीं है, जिसके आधार पर वे मतदाताओं के बीच जा सके। यहीं कारण है कि कांग्रेस लिंगायतों को भड़काकर चुनाव जीतना चाहती है लेकिन कर्नाटक का युवा तय कर चुका है कि जातिवाद के आधार पर किसी पार्टी को वोट नहीं करना है।