April 20, 2018, 5:06 am
एक फ़िल्मी सितारा देश के कानून और व्यवस्थाओं से ऊपर हो गया है

एक फ़िल्मी सितारा देश के कानून और व्यवस्थाओं से ऊपर हो गया है

सलमान खान को पिछले बीस साल में इतनी लोकप्रियता मिली कि अहंकार उनके सिर चढ़कर बोलने लगा है। कल जोधपुर जेल भेजे जाने के दौरान उनका सामंती ठसका बरक़रार रहा। मीडिया में आई तस्वीरों में वे जेलर के सामने अकड़कर बैठे देखे गए। दरअसल सलमान के वकीलों की फ़ौज को भरोसा था कि वे कल ही उनकी ज़मानत करवाने में सफल रहेंगे लेकिन ऐसा नहीं हो सका। एक बड़े सितारे के साथ वैसा ही सलूक हुआ जैसा एक आम अपराधी के साथ किया जाता है। कल जिस समय सलमान खान के केस की सुनवाई चल रही थी, देश का मीडिया अपना असली रंग दिखा रहा था। लगभग सभी चैनल जैसे किसी भी हाल में ये चाहते थे कि कैसे भी देश के सबसे बड़े सितारे को आज ही जमानत मिल जाए। जेल में अंदर जाने के बाद डीआईजी जेल ने सलमान को अपना परिचय दिया। इस पर सलमान ने उनसे कहा, ‘मेरे दादाजी भी डीआईजी थे।’ सलमान की अकड़ जेल के अंदर भी कायम रही। जेल अधिकारियों के सामने वे तन कर बैठे रहे।हालाँकि डीआईजी विक्रम सिंह ने यह साफ कर दिया कि जेल में सलमान को कोई स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं मिलेगा और उनके साथ आम कैदियों जैसा ही बर्ताव होगा। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सलमान को जेल में रात के खाने के तौर पर रोटी, पत्ता गोभी की सब्जी और चने की दाल दी गई थी। जज ने अपने फैसले में लिखा है कि हिरण शिकार के मामले में सलमान खान दोषी हैं। कोर्ट ने कहा कि सलमान खान एक अभिनेता हैं और ऐसा व्यक्ति अगर संरक्षित काले हिरणों का शिकार करेगा तो और लोग भी इस दिशा में प्रेरित हो सकते हैं। वैसे भी इन दिनों वन्यजीवों को मारने की घटनाएं बढ़ रही हैं, लिहाजा सलमान खान को संदेह का लाभ नहीं देते हुए कठोर सजा मिलनी चाहिए। इस पर सलमान के वकील उनके समाजसेवी होने का अजीब तर्क सामने रखते हैं और कोर्ट पर सलमान की जमानत का दबाव बनाते हैं।सलमान खान के इस प्रकरण से उन लोगों के चेहरे से नकाब उतर गया है जो न्यायिक व्यवस्था की दुहाई देते हैं। तमाम न्यूज़ चैनलों का एजेंडा देश की जनता को समझ में आ गया। एनपीए की महत्वपूर्ण खबर देश को बताने के बजाय मीडिया के कैमरे दिनभर जोधपुर कोर्ट और जेल के बीच घूमते रहे। क्या एक फ़िल्मी सितारा देश के कानून और व्यवस्थाओं से ऊपर हो गया है।