VIDEO :14 अगस्त जन्माष्टमी पर करें मोरपंख के ये अचूक उपाय, मिनटों में चमकेगी क़िस्मत !

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जन्माष्टमी पर करें मोरपंख के ये अचूक उपाय, मिनटों में चमकेगी क़िस्मत…

हर वर्ष मनाया जाने वाला जन्माष्टमी का यह पर्व इस बार भी कृष्‍ण भक्‍त बेसब्री से इसका इंतेजार कर रहे है. कुछ श्रद्धालुओं का मत है कि इस बार जन्माष्टमी इस बार 14 अगस्त के दिन भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाएगा. भगवान श्री कृष्ण ने अपने अत्याचारी मामा कंस का विनाश करने के लिए धरती पर अवतार लिया था.

उन्होंने भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आधी रात में मथुरा में अवतार लिया था. जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा में श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगता है. पूरी मथुरा नगरी कृष्ण के जन्म की तैयारियों में डूबी रहती है. आपने श्री कृष्ण की कई मनमोहक कहानियां सुनी होंगी लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि कान्हा अपने मुकुट में मोर पंख क्यो लगाया करते थे.

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कई कथाओं में यह जिक्र आया है कि कृष्ण भगवान को मोर पंख बहुत पसंद था, इसलिए वह सदैव मोर पंख मुकुट में सजाए रखते थे. जबकि कुछ ज्योतिषशास्त्री इसका कारण कृष्ण की कुण्डली में मौजूद दोष मानते हैं. कुण्डली में मौजूद दोष के अशुभ प्रभावों को दूर करने के लिए कृष्ण हमेशा मोर पंख को अपने सिर पर रखते थे. लेकिन सबसे मशहूर कथा है कि राधा जी के महल में बहुत मोर हुआ करते थें और जब राधा कृष्‍ण जी के बांसूरी पर नाचती थीं.

तब उनके साथ मोर भी नाचते थें, लेकिन एक बार नाचते नाचते मोर का पंख टुटकर जमीन पर गिर गया और भगवान श्री कृष्‍ण ने उसे उठाकर उन्‍होंने अपने सिर पर लगा लिया था. ऐसा करने का कारण ये है कि भगवान सबको समान दर्शाना चाहते हैं.