VIDEO : वैष्णो देवी की यात्रा पर जाने के पहले जरूर जान ले बातें !

माता वैष्णो देवी की गुफा में छिपे हैं कई रहस्य…

त्रिकुटा (Trikuta) पहाडिय़ों पर बसे भारत के सबसे पवित्र तीर्थ स्थल माता वैष्णो देवी (Vaishno Devi) का मंदिर एक गुफा के अंदर स्थित हैं. माता वैष्णो देवी की तरह ही उनकी इस गुफा का भी बहुत महत्व है. माता के दर्शनों के लिए पहले एक प्राचीन गुफा का प्रयोग किया जाता था. यह गुफा बहुत ही चमत्कारी और रहस्यों से भरी हुई है. वर्तमान में माता वैष्णो रानी के दर्शन के लिए जिस रास्ते का उपयोग किया जाता है.

दरअसल ये पहले वाला प्राकृितक रास्ता नहीं है. बल्कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण 1977 में यहां एक कृत्रिम रास्ते का निर्माण किया गया था. जहां से अब भक्त माता के दर्शनों को पहुंचते हैं. अब दस हजार से कम श्रद्धालु होने पर इस प्राचीन गुफा का द्वार खोला जाता है. किस्मत वाले भक्तों को ही इस प्राचीन गुफा से माता के दरबार में प्रवेश का सौभाग्य मिलता है. बता दें कि इस प्राचीन गुफा में पवित्र गंगा जल प्रवाहित होता है.

इस जल से पवित्र होकर माता के दरबार में पहुंचने का विशेष महत्व माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि प्राचीन गुफा के अंदर भैरव का शरीर मौजूद है. माता ने यहीं पर भैरव को अपने त्रिशूल से मारा था. उसका सिर उड़कर भैरव घाटी में चला गया और शरीर यहां रह गया. इतना ही नही माता रानी के भवन तक पहुंचने वाली घाटी में एक पड़ाव अर्द्धकुंवारी भी है. इस स्थान को गर्भजून भी कहा जाता है. कथाओं के अनुसार गर्भजून गुफा में माता 9 महीने तक उसी प्रकार रही थी जैसे एक शिशु माता के गर्भ में 9 महीने रहता है.

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By: hindutva Info Writer on Monday, July 17th, 2017