मोदी सरकार से नाराज उमा भारती भोपाल में ‘एकांतवास’ पर

भोपाल। मोदी मंत्रिमंडल में प्रभाव कम होने के बाद भाजपा नेता उमा भारती का झुकाव पुनः प्रदेश की राजनीति में हो गया है। कम से कम सूत्र तो यहीं बता रहे हैं कि संघ की सहायता से उमा भारती मध्यप्रदेश की राजनीति में वापसी करना चाहती हैं। पिछले तीन दिन से वे भोपाल में ही हैं लेकिन किसी से भी नहीं मिल रही हैं। ये कुछ भी स्पष्ट नहीं है कि वे संन्यास की राह पर हैं या मध्यभारत की सियासत में लौटेंगी।

उल्लेखनीय है कि उन्हें कैबिनेट फेरबदल के बाद जल संसाधन और गंगा स्वच्छता की जगह पेयजल और स्वच्छता मंत्री का भार दे दिया गया था। प्रधानमंत्री मोदी उनके कामकाज को लेकर बिलकुल खुश नहीं थे। मंत्रिमंडल विस्तार में कद घटने के बाद उमा की नाराजगी के किस्से राजनीतिक गलियारों में तैरने लगे थे। अब उन्होंने स्पष्ट रूप से नाराजग़ी दिखाना शुरू कर दिया है। वे अपने मंत्रालय कम जाने लगी हैं। संसद के शीतकालीन सत्र में भी वे कम ही नज़र आई हैं। उनके निकटवर्ती सूत्रों का कहना है कि उन्होंने दिल्ली का सरकारी बंगला भी लगभग छोड़ ही दिया है। बस इसका अधिकृत ऐलान होना बाकी है। वह अपने लोगों से भी नहीं मिल रही हैं।
भागवत से की थी मुलाकात
जानकारी के मुताबिक उमा मंगलवार को नागपुर जाकर संघ प्रमुख मोहन भागवत से मिली थीं। उसी दिन वह भोपाल आ गई थीं। वह यहां पूर्व मुख्यमंत्री के नाते मिले सरकारी बंगले में रह रही हैं। चर्चा है कि उमा संघ प्रमुख मोहन भागवत से मिलने के लिए भोपाल में रुकी हैं। भागवत इस समय प्रदेश के दौरे पर हैं। वह बुधवार की शाम भोपाल आए थे। गुरुवार को सुबह आरएसएस प्रमुख विदिशा चले गए। अब तीन दिन वहीं रहेंगे। इस दौरान उमा विदिशा जाकर भागवत से मुलाकात कर सकती हैं।


शिवराज उमा की वापसी पर तैयार नहीं
सूत्रों के मुताबिक संघ अभी भी उमा का साथ दे रहा है। अब उमा चाहती हैं कि उन्हें मध्य प्रदेश में काम करने दिया जाए। इसलिये वह संघ प्रमुख से मदद मांग रही हैं। लेकिन शिवराज सिंह और उनकी टीम किसी भी कीमत पर प्रदेश में उमा की वापसी के लिये तैयार नहीं है। सारी कशमकश इसी वजह से है।