इस मंगलवार नींद से जागेंगे देवता, भगवान विष्णु को इन उपायों से करें प्रसन्न !

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हिन्दू धर्म का इतिहास अति प्राचीन है. इस धर्म को वेदकाल से भी पूर्व का माना जाता है, क्योंकि वैदिक काल और वेदों की रचना का काल अलग-अलग माना जाता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि  पूरे साल 24 एकादशी होती है.

वर्ष की सबसे बड़ी एकादशी कार्तिक शुक्ल एकादशी !

हर महीने दो एकादशी पड़ती है, एक शुक्ल पक्ष में तो दूसरी कृष्ण पक्ष में. सभी एकादशी में कार्तिक शुक्ल एकादशी का विशेष महत्व होता है. इसे देवप्रबोधनी एकादशी या देव उठानी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. इस बार ये एकादशी 31 अक्टूबर, मंगलवार को आ रही है. वर्ष की सबसे बड़ी एकादशी कार्तिक शुक्ल एकादशी मानी गई है.

इसे देव उठनी एकादशी, देव प्रबोधिनी एकादशी और देवोत्थान एकादशी भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन चातुर्मास के बाद भगवान विष्णु जागते हैं और सारे संसार को अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं. इस दिन से विवाह प्रारंभ हो जाते हैं. इसलिए शास्त्रों में इस एकादशी का सर्वाधिक महत्व बताया गया है.

 

इस दिन भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए यदि विशेष उपाय किए जाएं तो विशेष फल मिलता है और साधक की मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं.

  • देवउठनी एकादशी पर दक्षिणावर्ती शंख में गंगाजल भरकर उससे भगवान् विष्णु का अभिषेक करें.
  • देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु को खीर, पीले फल या पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं.
  • अगर आप धन लाभ चाहते हैं तो इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की भी पूजा करें.
  • देवउठनी एकादशी की शाम तुलसी के सामने गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं ओए तुलसी के पौधे को प्रणाम करें.
  • देवउठनी एकादशी पर गाय के कच्चे (बिना उबाला) दूध में केसर मिलाकर भगवान विष्णु का अभिषेक करें.

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  • जैसे की सब जानते हैं, पीपल में भगवन विष्णु का वास होता है. इसलिए देवउठनी के दिन पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं.
  • इस दिन विष्णु भगवान के मन्दिर में जाकर अन्न (गेंहू, चावल आदि) दान करें, बाद में इसे गरीबों में बाँट दें.
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By: Neha Kamal on Tuesday, October 31st, 2017