अगर न बदलता इस फिल्म का नाम तो एक-दो नहीं, ना जाने होते कितने “तीन तलाक” !

नाम नही बदलता तो हो जाता बवाल !

जानिए कैसे “ट्रिपल तलाक” के कारण बदलना पड़ा इस हिंदी फिल्म का नाम ?

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक करार दे दिया और इस पर कानून बनाने के आदेश दिए . इस फैसले ने मुस्लिम महिलाओं को बड़ी राहत मिली और उन्होंने खुल कर इसका समर्थन भी किया . आज हम आपको बॉलीवुड का ‘ट्रिपल तलाक’ कनेक्शन बताने जा रहे है .

अगर न बदलता इस फिल्म का नाम तो एक-दो नहीं ना जाने होते कितने तलाक

दरअसल, 1982 में आई फिल्म ‘निकाह’ का नाम पहले ‘तलाक तलाक तलाक’ था हालांकि बाद में कुछ ऐसा हुआ कि इसका नाम बदलना पड़ा.मशहूर प्रोड्यूसर-डायरेक्टर बीआर चोपड़ा ने मुस्लिम समाज के ‘तीन तलाक’ के मुद्दे को लेकर पहले ‘तलाक तलाक तलाक’ नाम से फिल्म बनाई . यह फिल्म शरिया कानून पर आधारित थी . इस फिल्म में राज बब्बर, दीपक पराशर और सलमा आगा ने लीड रोल में थे . इनके अलावा असरानी और इफ्तेखार भी थे .

आपको बता दें कि एक दिन फिल्म की शूटिंग के दौरान बीआर चोपड़ा अपने एक दोस्त के साथ बैठे हुए थे और इस फिल्म का जिक्र कर रहे थे . तभी उनके दोस्त ने फिल्म के टाइटल के बारे में पूछा तो चोपड़ा साहब ने बताया कि फिल्म का नाम होगा ‘तलाक तलाक तलाक’ ये सुनते ही चोपड़ा साहब का दोस्त चौंक गया .

अगर न बदलता इस फिल्म का नाम तो एक-दो नहीं ना जाने होते कितने तलाक

फिर उसने उनसे सवाल किया कि मान लो कोई मुस्लिम शख्स ये फिल्म देखकर घर गया और उसकी बीवी ने पूछा कि कहां थे? और उसने बताया कि फिल्म देखकर आ रहा हूं फिर बीवी पूछेगी कौन सी फिल्म ? तो पति कहेगा ‘तलाक तलाक तलाक’ ऐसे में तो समाज में बवाल हो जाएगा .

अगर न बदलता इस फिल्म का नाम तो एक-दो नहीं ना जाने होते कितने तलाक

उन्होंने आगे कहा शरीयत के अनुसार ऐसे तो न जाने कितनी औरतों का तलाक हो जाएगा . ये सुनकर चोपड़ा साहब भी चौंक गए और उन्होंने फैसला किया कि इस फिल्म का नाम बदला जाएगा . इसके बाद काफी सोच विचार और चर्चा करने के बाद इस फिल्म का नाम ‘निकाह’ रखा गया .

बताते चले कि फिल्म रिलीज होने के बाद मुंबई के कुछ इलाको में यह कहते हुए पोस्टर लगा दिए थे कि फिल्म में मजहब के खिलाफ चीजें दिखाई गई हैं . यहाँ तक कि कई मौलवियों ने तो इसपर फतवे तक जारी कर दिए थे  इसके बाद विरोध करने वाले मौलवियों को भी यह फिल्म दिखाई गई फिर कहीं जाकर यह मामला शांत हुआ .