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यह है भारत की सबसे शापित जगह, जहां मौत करती है तांडव !

यह है भारत की सबसे शापित जगह, जहां मौत करती है तांडव…

दोस्तों आपने भारत की बहुत सी भूतिया और शापित जगहों के बारे में सुना होगा लेकिन आज हम आपको भारत की सबसे शापित जगह के बारे में बताने जा रहे है. जिसे शापित गांव के नाम से भी जाना जाता है. यह पूरा गांव एक शाप के कारण जमीन में दफ़न हो गया था तो आइये जानते है भारत की सबसे शापित इस जगह के बारे में.

मध्यप्रदेश के देवास जिले में स्थित एक गांव गंधर्वपुरी जिसे शापित गांव के नाम से भी जाना जाता है. यह गांव प्राचीनकाल में राजा गंधर्वसेन के शाप की वजह से पूरा पत्थर में बदल गया था. यहां का हर व्यक्ति, पशु और पक्षी सभी शाप से पत्थर के हो गए थे. बताया जाता है फिर उसके बाद एक ‘धूलभरी आंधी चली, जिससे यह पूरी नगरी जमीन में दफन हो गई थी.

दोस्तों देवास की सोनकच्छ तहसील में स्थित यह गांव भारत के बौद्धकालीन इतिहास का गवाह भी रहा है. तत्कालीन समय में इस गांव का नाम पहले चंपावती है. चंपावती के पुत्र गंधर्वसेन के नाम पर बाद में गंधर्वपुरी हो गया और आज भी इसका नाम गंधर्वपुर है. किद्वंतियो के अनुसार यहां मालव क्षत्रप गंधर्वसेन, जिन्हें गर्धभिल्ल भी कहते थे, के शाप से पूरी गंधर्व नगरी पत्थर की हो गई थी.

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राजा गंधर्वसेन के बारे में अनेकानेक किस्से प्रचलित हैं, लेकिन इस स्थान से जुड़ी कहानी कुछ अजीब ही है. कहते हैं कि गंधर्वसेन ने चार विवाह किए थे. उनकी पत्नियां चारों वर्णों से थीं. क्षत्राणी से उनके तीन पुत्र हुए सेनापति शंख, राजा विक्रमादित्य तथा ऋषि भर्तृहरि. यहां के स्थानीय निवासी कमल सोनी बताते हैं कि यह बहुत ही प्राचीन नगरी है. यहां आज भी जिस जगह पर भी खुदाई होती है वहां से मूर्ति निकलती है.

बताते हैं कि इस नगरी के राजा की पुत्री ने राजा की मर्जी के खिलाफ गधे के मुख के गंधर्वसेन से विवाह रचाया था. गंधर्वसेन दिन में गधे और रात में गधे की खोल उतारकर राजकुमार बन जाते थे. जब एक दिन राजा को इस बात का पता चला तो उन्होंने रात को उस चमत्कारिक खोल को जलवा दिया, जिससे गंधर्वसेन भी जलने लगे तब जलते-जलते उन्होंने राजा सहित पूरी नगरी को शाप दे दिया कि जो भी इस नगर में रहते हैं, वे पत्थर के हो जाएं.

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