जय माता दी : यहां हुई माता सीता की अग्नि परीक्षा, मिट्‌टी दिखती है राख जैसी काली !

आखिर क्यों हुई थी रामायण में सीता की अग्नि परीक्षा ?

 रामायण सनातन धर्म का एक अत्यंत प्राचीन ग्रंथ है जिसमें त्रेता युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री राम जी की जीवन लीला का वर्णन है. इसके रचियता आदि कवि वाल्मीकि जी हैं. रामायण की लगभग सभी घटनाएें हम लोगों को पता हैं, फिर भी बहुत से ऐसे रहस्य आज भी बने हुए हैं जिन्हें कोई जानता ही नहीं है.

 

वैसे तो रामायण में भगवान राम के कई किस्सों का वर्णन है, लेकिन सबसे ज्यादा दुखदायी माँ सीता का हरण और फिर उनका अंत में अग्नि परीक्षा देने के बाद धरती मे समा जाना ही है. बता दें कि सीता को रावण से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान राम ने रावण से युद्ध किया और मृत्युदंड दिया. भगवान राम जानते थे कि सीता पवित्र है.

इसके बावजूद भी राम ने दुनिया के सामने सीता की पवित्रता साबित करने के लिए उनसे अग्नि परीक्षा ली. पतिव्रत धर्म के कारण सीता अग्निकुण्ड को पार कर गयी और उनका बाल भी बांका नहीं हुआ. माँ सीता अम्मा मंदिर श्रीलंका में बना हुआ है. जिस तरह भगवान राम भारत के लोगों के लिए पूज्य हैं उसी तरह उसी तरह माँ श्रीलंका में पूज्य है.

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माँ सीता का यह मंदिर श्रीलंका में एक पहाड़ी पर बना है. खास बात ये है कि माँ सीता के मंदिर के अलावा यहाँ कई और मंदिर और लेकिन सिर्फ माँ सीता के मंदिर के आसपास बहुत अधिक वानर आज भी पहरा देते नजर आते हैं. यह मंदिर श्रीलंका के देवुरुम वेला नाम की जगह में स्थित है, ऐसा कहा कहा जाता है कि यहीं माता सीता ने अग्नि परीक्षा दी थी.

माता सीता के अग्नि परीक्षा देने के कारण जलने वाली अग्नि से यहां की मिट्‌टी काली राख की परत जैसी हो गई है. इस मंदिर के प्रवेश द्वार से लेकर अंत तक हनुमान के विभिन्न वीर योद्धा मंदिर की रक्षा करते हैं.

By: Neha Kamal on Monday, October 30th, 2017