बेहद गुप्त विडियो: मक्का मदीना में आज भी है शिवलिंग और मुस्लिम चढ़ाते है दूध-दही ??

सोशल मीडिया में कुछ गुप्त विडियो सामने आने के दावे किए जा रहे हैं  । ये विडियो देख कर कई मौलवी, मौलानाओं और मुस्लिम कट्टरपंथियों को अब नींद नहीं आने वाली. ये विडियो इस बात का प्रमाण है की मुसलमानों ने मक्का में शिवलिंग के होने की बात को अब तक पूरी दुनिया से छुपा रखा था । इस बात से सम्बंधित नीचे दिए गए ये दो विडियो देख कर आपकी आँखें फटी की फटी रह जाएँगी ।

यहाँ देखें ये बेहद गुप्त विडियो: ( hindutva info विडियो की  सत्यता की पुष्टि नहीं करता है  ) विडियो क्रेडिट – Indian Entertainment and News Channel  

काबा’ अरब का प्राचीन मन्दिर है। जो मक्का शहर में है। विक्रम की प्रथम शताब्दी के आरम्भ में रोमक इतिहास लेखक ‘द्यौद्रस् सलस्’ लिखता है – यहाँ इस देश में एक मन्दिर है, जो अरबों का अत्यन्त पूजनीय है।

आगे वो लिखता है कि मुसलमानों के सबसे बड़े तीर्थ मक्का मक्केश्वर महादेव का मंदिर था। वहां काले पत्थर का विशाल शिवलिंग था जो खंडित अवस्था में अब भी वहां है। हज के समय संगे अस्वद (संग अर्थात पत्थर, अस्वद अर्थात अश्वेत ) कहकर मुसलमान उसे ही पूजते और चूमते हैं। इस सम्‍बन्‍ध में प्रख्‍यात प्रसिद्ध इतिहासकार स्व0 पी.एन.ओक ने अपनी पुस्तक ‘वैदिक विश्व राष्ट्र का इतिहास’ में समझाया है कि मक्का और उस इलाके में इस्लाम के आने से पहले से मूर्ति पूजा होती थी। हिंदू देवी-देवताओं के मंदिर थे, गहन रिसर्च के बाद उन्होंने यह भी दावा किया कि काबा में भगवान शिव का ज्योतिर्लिंग है।

पैगंबर मोहम्मद ने हमला कर मक्का की मूर्तियां तोड़ी थीं। ऐसे में दोनों ही इलाकों के कुछ विद्वान काबा में मूर्ति पूजा होने का तर्क देते हैं। हज करने वाले लोग काबा के पूर्वी कोने पर जड़े हुए एक काले पत्थर के दर्शन को पवित्र मानते हैं जो कि हिन्‍दूओं का पवित्र शिवलिंग है। वास्‍तव में इस्लाम से पहले मिडिल-ईस्ट में पीगन जनजाति रहती थी और वह हिंदू रीति-रिवाज को ही मानती थी। काबा में “पवित्र गंगा” है। जिसका निर्माण महापंडित रावण ने किया था, रावण शिव भक्त था वह शिव के साथ गंगा और चन्द्रमा के महात्‍म को समझता था और यह जानता था कि कि क‍भी शिव को गंगा से अलग नही किया जा सकता।

जहाँ भी शिव होंगे, पवित्र गंगा की अवधारणा निश्चित ही मौजूद होती है। काबा के पास भी एक पवित्र झरना पाया जाता है, इसका पानी भी पवित्र माना जाता है। इस्लामिक काल से पहले भी इसे पवित्र (आबे ज़म-ज़म) ही माना जाता था। रावण की तपस्‍या से प्रसन्‍न होकर भगवान शिव ने रावड़ को एक शिवलिंग प्रदान किया जिसें लंका में स्‍थापित करने का कहा और बाद जब रावड़ आकाश मार्ग से लंका की ओर जाता है पर रास्ते में कुछ ऐसे हालत बनते हैं की रावण को शिवलिंग धरती पर रखना पड़ता है। वह दुबारा शिवलिंग को उठाने की कोशिश करता है पर खूब प्रयत्न करने पर भी लिंग उस स्थान से हिलता नहीं।

देखें एक और विडियो ( hindutva info इस विडियो में कही बातों की पुष्टि नहीं करता है  ) 


ये विडियो बेशक थोड़ी पुरानी है मगर इसमें मुसलमानों की पूरी सच्चाई सामने आने की बात की जा रही है। मीडिया में चल रही ख़बरों के अनुसार आपको बता दें की ये शिवलिंग मक्का में है और सभी मुसलमान एकत्रित होकर इसका दूध और दही से अभिषेक करते है । शायद आपको पता ना हो लेकिन ये कहा जाता रहा है की हजारों वर्ष पहले मुसलमान भी  शिवलिंग को पूजते थे ।

आपको ये भी बता दें की मक्का में 360 मूर्तियाँ थी, यहीं नहीं मुहम्मद के चाचा स्वयं एक मूर्तिकार थे और वह शिव के बहुत बड़े भक्त थे. लेकिन मुहम्मद ने जब मक्का पे हमला किया तो यहाँ मोजूद शिवलिंग को छोड़कर बाकी सभी मूर्तियों को तोड़ दिया क्यूंकि वह सच्चाई जानता था ।

By: Vishal Kashyap on Friday, February 24th, 2017