VIDEO : वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी, शुरू हो चुका है छठा महाविनाश !!

वैज्ञानिकों की चेतावनी, छठे महाविनाश में प्रवेश कर रही है धरती..

वैज्ञानिकों का मानना है कि धरती पर जीवन चक्र तेज़ी से बदल रहा है. पिछले कई युग बीत गए और हर युग का अंत विनाश से ही हुआ है. बता दे कि लगभग साढ़े 4 अरब साल पुरानी इस धरती पर अब तक ऐसा 5 बार हुआ है जब सबसे ज्यादा विकसित प्रजातियां पूरी तरह विलुप्त हो गई है. पांचवीं घटना में डायनॉसॉर तक का सफाया हो गया था और वैज्ञानिकों के मुताबिक अब यह धरती छठे महाविनाश के दौर में प्रवेश कर रही है.

सूत्रों के मुताबिक पता चला है कि नैशनल अकैडमी ऑफ साइंसेज के एक नए शोध में यह खुलासा हुआ है कि धरती पर चिड़िया से लेकर जिराफ तक हजारों जानवरों की प्रजातियों की संख्या धीरे-धीरे कम होती जा रही है. वैज्ञानिकों ने जानवरों की घटती संख्या को ‘वैश्विक महामारी’ करार दिया है और इसे छठे महाविनाश का हिस्सा बताया है. बीते 5 महाविनाश प्राकृतिक घटना माने जाते रहे हैं लेकिन वैज्ञानिकों के मुताबिक इस महाविनाश की वजह बड़ी संख्या में जानवरों के भौगोलिक क्षेत्र छिना जाना है.

आपको बता दे कि मेक्सिको की एक यूनिवर्सिटी में रिसर्चर गेरार्दो सेबायोश का कहना है कि यह शोध फिलहाल अकैडमिक रिसर्च पेपर के लिए लिखा गया है. अभी इसपर कुछ भी कहना ठीक नहीं है.

वैज्ञानिकों द्वारा की गई रिसर्च स्टडी के मुताबिक जमीन पर रहने वाले सभी रीढ़धारी जंतु- स्तनधारी, पक्षी, रेंगनेवाले और उभयचर की प्रजातियों का 30 प्रतिशत हिस्सा विलुप्त हो चुका है. दुनिया के अधिकांश हिस्सों में स्तनधारी जानवर भौगोलिक क्षेत्र छिनने की वजह से अपनी जनसंख्या का 70 प्रतिशत हिस्सा खो चुके हैं. चीता की संख्या घटकर सिर्फ 7 हजार रह गई है तो अफ्रीकी शेरों की संख्या भी साल 1993 से लेकर अब तक 43 प्रतिशत घट गई है. वैज्ञानिकों के अनुमान के मुताबिक बीते 100 सालों में 200 से ज्यादा प्रजातियां विलुप्त हो चुकी हैं.

देखिये महाविनाश से जुड़ा ये वीडियो !!

By: jagjit singh on Saturday, July 15th, 2017