पूर्व PM नेहरु पर लगा बड़ा इल्ज़ाम : गोडसे ने नहीं तो किसने किया था गांधी वध ? ख़ुलासे पर ख़ुलासा !

कितनी गोलियाँ चली थी ?

असल में गांधी जी की हत्या के सत्तर साल बाद देश में एक नयी बहस छिड़ गयी है जिसने चारों तरफ़ हंगामा मचा दिया है  ।

असल में कथित रूप से महात्मा कहे जाने वाले गांधी जी की हत्या के करीब 70 साल बाद अब फिर से राजनीतिक जगत और पूरे देश में उनके हत्यारों को लेकर बहस छिड़ गई है। हुआ यूँ कि मुंबई आधारित एक NGO अभिनव भारत ट्रस्ट के शोधकर्ता और ट्रस्टी पंकज फडनिस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर गांधी जी की हत्या की फाइल दोबारा खुलवाने और जांच कराने की मांग की है।

शुक्रवार (06 अक्टूबर) को कोर्ट में इस पर सुनवाई हुई। इधर, मीडिया में भी इस बात पर बहस हो रही है कि क्या गांधी जी की हत्या की फाइल दोबारा खोले जाने का कोई औचित्य है? इससे पहले भाजपा नेता स्वामी भी इस पर बात कर चुके हैं और कह चुके हैं कि गांधी जी की हत्या में उल्लेख से ज़्यादा गोलियों का प्रयोग हुआ था तो नाथूराम के अलावा बाक़ी की गोलियाँ किसने चलवायी  ?

इस बीच इंडिया टुडे चैनल पर शुक्रवार को एक LIVE डिबेट में RSS के विचारक राकेश सिन्हा ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को महात्मा गांधी की हत्या की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी। इस बारे में एक विडियो भी वायरल हो रही है जिसमें कुछ अलग ही विचार दिए गए हैं ये विडियो ABJ News नाम के एक चैनल ने अपलोड किया है  देखें :- 

उन्होंने इस विषय पर आगे बोलते हुआ कहा, “महात्मा गांधी सिर्फ तुषार गांधी या उनके परिवार की प्रॉपर्टी नहीं हैं। अगर कोई महात्मा गांधी की हत्या से जुड़ी कोई जानकारी लेना चाहता है तो यह उसका मौलिक अधिकार है।” सिन्हा ने कहा, “गांधी जी की हत्या पर दो कमीशन और दो फैसले आ चुके लेकिन किसी ने भी उनकी सुरक्षा से संबंधित सवालों पर कोई फैसला नहीं दिया।”

उन्होंने ये भी कहा कि प्रमुख कांग्रेसी नेता राजगोपालाचारी ने भी अपनी किताब में लिखा है कि गांधी जी की सुरक्षा की कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी। उनके सचिव ने भी यह जानकारी दी थी। अगर गांधी जी को सुरक्षा दी गई होती तो उनकी जान बचाई जा सकती थी। इसलिए पंडित नेहरू को महात्मा गांधी की हत्या की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी।

अब उनकी बातों के बाद बहस ये छिड़ी है कि जब हम किसी भी ग़लत चीज़ के लिए आज PM मोदी को दोष देते हैं तो क्या गांधी जी कम सुरक्षा देने का दोष नेहरु का नहीं है  ? क्या पूर्व PM नेहरु की ज़िम्मेवारी इस हत्या में तय नहीं की जानी चाहिए  ?