ॐ नमः शिवाय बोलिए और देखिए चमत्कार : नदी का पानी तुरंत बन गया घी, अद्भुत रहस्य !

नदी से पानी भरकर डाला और बन गया घी,ऐसी है इस मंदिर की महिमा और भी जुड़े हैं कई रहस्य…

धर्म और आस्था में कई ऐसे चमत्कार होते है जिनसे भगवान में ओर भी श्रद्दा बढ़ जाती है. जिले के पिछोर कस्बे से 25 किमी दूर ग्राम खोड़ के पास स्थित धाय महादेव मंदिर लगभग 700 वर्ष पुराना है. मंदिर का नाम धाय महादेव इसलिए पड़ा, क्योंकि यहां धाय का विशाल वृक्ष था, जिसके नीचे से शिवलिंग अपने आप प्रकट हुआ था.

मंदिर के महंत शंकरपुरी महाराज ने बताया कि पौराणिक कथा के अनुसार मंदिर का नाम धाय महादेव इसलिए पड़ा, क्योंकि यहां धाय का विशाल वृक्ष था. जिसके नीचे से शिवलिंग अपने आप प्रकट हुआ था. तभी से यहां शिवजी का विशाल मंदिर बनाया गया और यहां आने वाले भक्तों की मनोकामना भगवान शिव पूरी करते हैं.

इस मंदिर पर पिछले 500 वर्ष से अखंड ज्योति जल रही है. प्रतिदिन खोड़ गांव के प्रत्येक घर से चावल व दूध शंकरजी के अभिषेक के लिए इकट्ठा किया जाता है. इस शिवलिंग की यह विशेषता है कि इस पर चढ़ाया जाने वाला दूध व घी, कहां जाता है वो किसी को नहीं दिखता. इसके पीछे एक कहानी प्रचलित है कि यहां कई साल पहले भंडारा हो रहा था.

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जिसमें बनाई जा रही मिठाई के लिए घी कम पड़ गया. लोगों ने मंदिर के पास से निकलने वाली पेरकान नदी से पानी के टीन भरकर लेकर कड़ाही में डाला तो वो भी घी बन गया. ग्राम खोड़ के गहोई समाज के लोग आज भी अखंड ज्योति के लिए एक रुपए किलो के हिसाब से आज भी घी देते है.

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By: Neha Kamal on Saturday, October 28th, 2017