दीपक शर्मा की विडियो से हिन्दुओं को बदनाम करने का असली सच, देखें ये बड़ी सच्चाई !

हिन्दू धर्म का मजाक उड़ाने वाले शख्स पर लात-घूंसे बरसाने का वायरल सच..

भारत एक हिन्दू राष्ट्र है जो अपनी प्राचीन सभ्यता और संस्कृति की वजह से दुनिया भर में प्रसिद्ध है. भारत एकलौता ऐसा देश है जहाँ पर हर धर्म के लोग आपस में मिलकर रहते है और एक दूसरे के धर्म की इज्ज़त करते है. लेकिन कहते है न कि जहाँ अच्छाई होती है वहीँ बुराई भी होती है. भारत में ऐसे बहुत से कट्टरपंथी लोग है जो आए दिन हिन्दू धर्म के खिलाफ कोई न कोई नया षड्यंत्र रचते रहते है. कभी मंदिरों पर हमला किया जाता है तो कभी जिहादी हिन्दू बन दूसरों धर्मो को अपना शिकार बनाते है.

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मौजूदा खबर के अनुसार सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में खुद को हिंदुओं का सरदार बताने वाला एक शख्स उसके धर्म का मजाक उड़ाने वालों को सबक सिखाने का दावा कर रहा है. मार खाने वाला गिड़गिड़ा रहा है. वीडियो में धमकी देने वाले शख्स का नाम दीपक शर्मा है. ये आदमी खुद को हिंदुओं का सरदार बताते हुए धर्म के नाम पर मजाक करने वाले लोगों को चुनौती देते दिख रहा है.

आखिर क्या है वायरल खबर !!

Viral sach: know the truth of this message

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दीपक नाम का ये शख्स इसलिए एक व्यक्ति को मार रहा है क्योंकि उसने मीम बना कर हिंदु धर्म का मजाक उड़ाया है. इस मैसेज की हकीकत जानने के लिए एबीपी न्यूज ने पड़ताल शुरु की. दीपक शर्मा की खोज में सबसे पहले एबीपी न्यूज हाथरस में उसके घर पहुंचा. हाथरस मे हमें पता चला कि दीपक शर्मा आजकल गाजियाबाद के वैशाली में रहते हैं.

वायरल खबर का असली सच !!

  • बता दें कि गाजियाबाद पुलिस से संपर्क करने के बाद पुलिस अधिकारी ने बताया कि दीपक गाजियाबाद में ही हैं.
  • एबीपी न्यूज पुलिस के साथ पते पर पहुंची तो वो सब उसी वीरान जगह पर आ गए जहाँ वीडियो बनाई गयी थी.
  • इसके बाद एक टीम ने उस शख्स को खोजना शुरु किया जो वीडियो में था.
  • खोजबीन के दौरान एक लड़के ने पहचान टीवी पर ना दिखाने की शर्त के बाद बातचीत की और बताया कि युवक का अपहरण नहीं किया गया था. वो अपनी मर्जी से वीडियो बनवा रहा था. ये वीडियो सबको संदेश देने के लिए बनवाया गया था.

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  • इतने में दीपक को भी पुलिस ने पकड़ लिया और मौके पर पहुँच गई.
  • दीपक शर्मा ने बताया कि वीरान जगह का चुनाव इसलिए किया गया क्योंकि भीड़ वाली जगह पर ये वीडियो शूट नहीं किया जा सकता था.
  • दीपक की माने तो लोग जानबूझ कर उनके फेसबुक वॉल पर देवी-देवताओं की गंदी तस्वीरें पोस्ट करते हैं इसलिए उन लोगों को सबक सिखाने के लिए उन्होंने वीडियो बनाया.
बताते चलें कि वायरल हो रहा ये वीडियो दरसल नकली है, जिसका खुलासा खुद दीपक ने पुलिस के सामने किया है. वीडियो में दिख रहा लड़का ना ही मुसलमान है और ना ही उसका अपहरण करके वीडियो बनाया गया. इसलिए अपहरण करके हिंदूवादी अत्याचार का दावा झूठा साबित हुआ है.

By: jagjit singh on Saturday, August 12th, 2017