ये तथ्य साबित करेंगे कि रामायण की घटना असल में हुई थी, ये कोई काल्पनिक घटना नहीं है !!

रामायण भारतीय संस्कृति के दो महाकाव्यों में से सबसे बड़ा काव्य है. आज भी कुछ लोग ऐसे है जो रामायण को एक काल्पनिक घटना मानते है. अभी तक रामायण सिर्फ साहित्य का एक हिस्सा बनी हुई थी लेकिन अब रामायण के बारे में कई ऐसे सबूत मिले, जो रामायण की वास्तविकता पर मुहर लगाते हैं. आज हम रामायण के सारे सबूतों के बारे में आपको बताते है जिनसे ये साफ़ हो जाता है कि रामायण वास्तव में घटी थी.

1. कोबरा हूड गुफा, श्रीलंका:- यह गुफा श्रीलंका के सिगिरिया में स्थित है. कुछ पुरातत्वविदों ने इस गुफा का परीक्षण कर यह साबित किया है की यह गुफा सौ प्रतिशत प्राकृतिक है और इसका रहस्यमयी आकार किसी मानव के द्वारा तैयार नहीं किया गया है.

माना जाता है कि असुरों ने सीता को इसी जगह पर बंदी बना कर रखा था. गुफा में मौजूद एक चित्र में इस घटना का चित्रण भी किया हुआ है. इस गुफा का आकर एक बहुत बड़े कोबरा के जैसा है.

2. हनुमान गढ़ी:- अयोध्या न जाने कितनी बार बसी और उजड़ी, फिर भी एक स्थान हमेशा अपने मूल रूप में ही रहा. यही वह हनुमान टीला है, जो आज हनुमानगढ़ी के नाम से प्रसिद्ध है. इस टीले तक पहुंचने के लिए भक्तों को पार करना होता है 76 सीढ़ियों का सफर, जिसके बाद दर्शन होते है पवनपुत्र हनुमान की 6 इंच प्रतिमा के, जो हमेशा फूल-मालाओं से सुशोभित रहती है. 

3. भगवान हनुमान के पैर के निशान :- नुवारा एलिया मंदिर और श्रीलंका के अन्य मंदिरों में आज भी भगवान हनुमान के पैरों के निशान पाए जाते है. दूर दूर से भक्त हनुमान जी के इन पैरों के निशानों के दर्शन करने के लिए आते हैं. 

4. नासा से सबूत:- नासा ने भी कुछ ऐसे सबूत जारी किये है जिससे ये साफ़ होता है कि रामायण वास्तविक घटना है. नासा ने उस रहस्यमयी प्राचीन पूल की तस्वीरें जारी की है जो भारत और श्रीलंका के बीच बनाया गया था. यह पुल तैरते हुए पत्थरों से बनाया गया था, जो आज भी मौजूद है. 

5. राम सेतु:- नासा द्वारा जारी की गयी तस्वीर से दोनों देशों के बीच बनें पुल की उपस्थिति की पुष्टि होती है. 

6. फ्लोटिंग पत्थर का रहस्य:- लंका जाने के लिए राम ने जिस पुल का निर्माण करवाया था वह तैरते हुए पत्थरों से करवाया था. रामेश्वरम, दक्षिण भारत में ये आज भी उपस्थित है. कहा जाता है कि अगर इस पानी में कोई पत्थर फेंका जाता है तो वो पानी में तैरता रहता है.

7. संजीवनी पर्वत, द्रोणागिरी:- संजीवनी पर्वत, विभिन्न प्रकार के जड़ी- बूटियाँ और पौधें पायें जाते है. इन्हीं में से संजीवनी बूटी निकालकर लक्षमण का इलाज किया गया था जिससे वो ठीक हो गए थे. द्रोणागिरी हिमालय में आज भी यह पर्वत मौजूद है. 

8. अशोक वाटिका, श्रीलंका:- अशोक वाटिका वो जगह जहाँ रावण ने सीता हरण के बाद सीता को रखा था. आज भी यह वाटिका ऐसा का ऐसा खड़ा है. आज इस वाटिका को हकगाला बॉटनिकल गार्डन के नाम से जाना जाता है.

9. लोपक्षी का मन्दिर:- जब रावण माता सीता को लंका लेकर जा रहे थे तब जटायु ने सीता को बचाने की कोशिश की थी. रावण ने जटायु को अधमरा कर दिया था और जटायू इसी जगह पर गिरे थे. इस जगह पर आज एक मंदिर जिसे लोपक्षी मंदिर के नाम से जाना जाता है.

10. रावण का महल और कोंडा कट्टू गाला:- कहा जाता है कि यह महल रावण का महल है. इस महल में कई गुप्त रास्ते निकलते है जो सीधा श्रीलंका शहर शहर के पास जाते हैं.  लंका दहन के बाद रावण ने सीता को कोंडा कट्टू गाला में बनी गुफाओं में रखा था. इन गुफाओं का रास्ता भी इसी महल से निकलता है.

11. लंका दहन के अवशेष:- जब हनुमानजी ने लंका को जलाया था तब लंका की सारी मिटटी काली पड़ गयी थी, जो आज भी इस इलाके के आस पास मिलती है. 

12. रामलिंगम का मंदिर:- रावण एक ब्राह्मण था जिसका वध करने के बाद राम को बहुत पछतावा हुआ था. तब राम ने शिव की अराधना की थी और शिव ने उन्हें चार शिवलिंग बनाने के लिए कहा था. हनुमान जी दो शिवलिंग कैलाश पर्वत से ले आये, माता सीता ने एक शिवलिंग रेट से बनाया और भगवान राम ने एक शिवलिंग बना के इस जगह पर स्थापित कर दिया था. आज यही जगह रामलिंगम के मंदिर के नाम से जानी जाती है. 

13. जनकपुर का जानकी मन्दिर:- जनक के यहाँ माता सीता का जन्म होने के कारण सीता का नाम जानकी रखा गया था. जिस जगह सीता माता का जन्म हुआ था आज उसे जनकपुर के नाम से जाना जाता है. इसी जगह पर सीता माता का एक मंदिर है जिसे जानकी मंदिर के नाम से जाना जाता है.

14. पंचवटी:- अपने वनवास के दौरान भगवान राम पंचवटी में ठहरे थे. पंचवटी में ही लक्षमण ने सूर्पनखा की नाक काटी थी. आज यह जगह नासिक में स्थित है. 

By: Staff Writer on Monday, January 9th, 2017