हाथ पर लिखा ‘ओम’ मिटाने के लिए डाल दिया तेज़ाब, हिन्दू पत्नी पर दरिंदगी की हद

शाजापुर। पत्नी के हाथ पर ओम का चिन्ह’ गुदा हुआ था जो उसके पति आसिफ को रास नहीं आया। उसने पत्नी के हाथ पर गुदा धार्मिक चिन्ह मिटाने के लिए हाथ पर एसिड डाल दिया। ऐसी क्रूरता वाला मामला शाजापुर से सामने आया है। चार साल तक ऐसी दरिंदगी झेलने के बाद पत्नी एक दिन उसकी कैद से छूटने में कामयाब हो गई।

शाजापुर में एक नाबालिग को बंधक बनाकर जबरन शादी करने का मामला सामने आया है। कन्नौद की रहने वाली एक नाबालिग को आरोपी आसिफ उर्फ़ राजा ने बहका लिया। उस समय नाबालिग मात्र 14 साल की थी। आरोपी उसे नए कपड़े दिलवाने के बहाने उज्जैन ले गया और अपने घर में बंधक बना लिया। खुद शादीशुदा होने का बाद भी उसने नाबलिग से निकाह किया और नाम बदलकर आयशा रख दिया। उसे पत्नी के धर्म से इतनी नफरत थी कि उसने पत्नी के हाथ पर लिखा ओम चिन्ह मिटाने के लिए एसिड डाल दिया था।

हिंदू संगठन के कार्यकर्ता ने सहायता की
उसने कम उम्र में ही नाबलिग को माँ बना दिया। पीड़िता ने पुलिस को बताया है कि दो साल पहले उसे एक बेटा हुआ था जो आरोपी के कब्ज़े में है। चार साल की जिल्लत की जिंदगी के बाद जैसे-तैसे किशोरी वहां से भागी और शाजापुर पहुंच गई। यहां हिंदू संगठन के कार्यकर्ता ने उसकी सहायता की और पुलिस तक पहुँचाया।

मामला 2013 का बताया जा रहा
पीड़िता ने बताया कि राजा उसकी पत्नी और भतीजा मेरे साथ मारपीट करते। 9 जनवरी को कपड़े सिलाई पर डालने के बहाने घर से निकली और भागकर शाजापुर आ गई। मामले को लेकर हिंदू संगठन के कार्यकर्ता किशोरी को लेकर एसपी शैलेंद्रसिंह चौहान के पास पहुंचे। देर रात कोतवाली पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर जीरो पर कायमी की और डायरी देवास भेज दी।


लगातार मारपीट होती थी
वर्ष 2014-15 के बीच पीड़िता का धर्म बदल दिया गया। उसके हाथ पर बने धार्मिक चिह्न को मिटाने के लिए एसिड से जलाने के निशान भी युवती ने बताए। कई बार तो इतनी मारपीट होती थी कि पड़ोस में रहने वाली महिलाओं ने बचाया। पुलिस ने मामले में मप्र धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत 4/3 और 363 में प्रकरण दर्ज कर लिया है।