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ये हैं भारतीय सेना के 10 ‘ब्रह्मास्त्र’, दुश्मन का दम निकाल देंगे !!

  • Su-30Mki- लड़ाकू विमान- यह विमान अब तक का सबसे शानदार ऐयरक्राफ़्ट है. इसको वायुसेना की क्रीम भी कहा जाता है. यह फ़ाइटर जेट रुस की मदद से बनाया गया है. इस जेट की ख़ासियत ये है कि ये किसी भी मौसम में मार करने की क्षमता रखता है. भारतीय सेना के पास आज 200 से ज़्यादा सुखोई-30 विमान है. ये सभी विमान 2100 किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से उड़ सकते है. इसमें 30 एमएम की गन के साथ हवा से हवा, हवा से जमीन और एंटीशिप मिसाइलें लगी हुई हैं. इसमें 6 अलग अलग तरह के बम फिट हुए है.

  • ब्रह्मोस मिसाइल: इस मिसाइल को गेम फिनिशर भी कहा जाता है. यह ब्रह्मोस मिसाइल  सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है. यह भी रूस और भारत की देन है. इस मिसाइल की खासियत ये है कि इसे पनडुब्बी, जहाज, एयरक्राफ्ट या जमीन कहीं से भी लॉन्च किया जा सकता है. इस मिसाइल को दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइल माना जाता है. यह मिसाइल 300 किलोमीटर तक मार कर सकती है.
  • अर्जुन मार्क-II टैंक: यह टैंक तीसरी पीढ़ी का मुख्य युद्ध टैंक है. इसे भारतीय सेना के लिए भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित किया गया है. इस टैंक का नाम महाभारत के अर्जुन के नाम पर रखा गया है. ये टैंक एक शानदार टैंक है जो किसी भी परिस्थिति में मार सकता है. इस टैंक के ऊपर एक रिमोट संचालित मशीन गन लगी हुई है, जिसे सेना दिवार कहती है.
  • INS विक्रमादित्य: इसे तैरता एयरफील्ड और मिनी शहर भी कहा जाता है. इसको समंदर का रजा कहा जाता है. इसकी क्षमता इतनी है कि ये एक बार में 45 हजार टन से ज्यादा वजन लेकर चल सकता है. इसकी लंबाई 283.5 मीटर है और 22 डेक हैं. इसकी रफ्तार लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे है जिस पर 36 एयरक्राफ्ट रखे जा सकते हैं.
  • INS चक्र: भारतीय नौसेना की नाभिकीय शक्ति से चलने वाली पनडुब्बी है. इसका दूसरा नाम स्टील से बनी शार्क है. भारत ने इसको रूस से 10 साल के लिए लीज पर ले रखा है ताकि वो नेवी को ट्रेंड कर सकें. यह आक्रमणकारी पनडुब्बी  8,140-टन की है. समुद्र में इसकी रफ़्तार 43 किमी प्रति घंटा की है. इसकी लम्बाई 110 मीटर है. इस पनडुब्बी को सबसे तेज परमाणु पनडुब्बी माना जाता है.
  • अग्नि-5: इस मिसाइल को इस्तमाल करना बहुत आसान है. इस मिसाइल को रेल सड़क हो या हवा, कहीं भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इस मिसाइल को किलर मिसाइल भी कहा जाता है. इस मिसाइल की मारक क्षमता 8 हजार किलोमीटर तक की है. देश के किसी भी कोने में इसे तैनात किया जा सकता है. अग्नि 5, भारत के सबसे लंबे समय तक दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है.
  • फाल्कन अवाक्स: फाल्कन अवाक्स यानी ‘एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम’. इस अवाक्स को किसी भी मौसम में इस्तमाल किया जा सकता है. यह दुनिया का सबसे आधुनिक अवाक्स है. इस मिसाइल का समझौता भारत और इजराइल के बीच 2004 में हुआ था. भारत ने यह अवाक्स इस्राइल और रूस की मदद से बनाया है. इस रडार पर 360 AESA यानी एक्टिव इलेक्ट्रोनिकली स्कैनिंग अरै हैं ये किसी भी दूसरे रडार से दस गुना तेज और पहले अपने दुश्मन की खबर देता है.
  • INS विक्रांत: भारतीय नौसेना पोत विक्रांत भारतीय नौसेना का एक सेवा निवृत युद्ध पोत है. यह भारतीय नौसेना का पहला एयरक्राफ्ट कैरियर है. इसकी लम्बाई लगभग 262 मीटर लम्बी है, 60 मीटर अधिकतम चौड़ाई और 40 हजार मीट्रिक टन वजन ढोने की क्षमता है. 
  • बराक 8: बराक-8 भारत और इजरायल की ओर से संयुक्त रूप से विकसित किया गया है. यह मिसाइल सेना के लिए रक्षा कवच का काम करेगा. बराक-8 मिसाइल की मारक क्षमता 70 से 90 किमी है. बराक-8 मिसाइल की लम्बाई साढ़े चार मीटर है और इसका वजन करीब तीन टन है और यह 70 किलोग्राम भार ले जाने में सक्षम है.
  • ग्लाइड बम: यह ऐसा बम है जिसकी मदद से निशाना तय कर बम गिराया जा सकेंगे. यह बम वायु सेना के लिए अचूक अस्त्र साबित होगा. गरुड़ व गरुथमा नामक ग्लाइड बम भारतीय वायु सेना के पास है. ये बम लड़ाकू विमान की मार को और सटीक करेगा. 

By: Staff Writer on Sunday, December 18th, 2016

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