वीडियो : NSG ग्रुप में भारत शामिल होना चाहता है इसको देखते हुए अमेरिका का ये बयान काफी अहम है !

NSG पर ट्रंप सरकार ने भारत को लेकर दिया बड़ा बयान, चीन को लगा सदमा..

भारत को एनएसजी यानि कि न्युक्लियर सप्लायर ग्रुप की सदस्यता मिलेगी या नहीं इस पर देश ही नहीं पूरी दुनिया की नजर है. यदि भारत को सदस्यता मिलती है तो हम उस एलीट न्युक्लियर ग्रुप में शामिल हो जाएंगे जिसमें फिलहाल दुनिया के केवल 48 देश हैं. भारत का एनएसजी में शामिल होना कितना जरूरी है यह इसी बात से समझा जा सकता है कि नरेंद्र मोदी जिस देश में जा रहे हैं वहां एनएसजी की सदस्यता के लिए समर्थन जुटा रहे हैं.

मौजूदा खबर अनुसार बता दें कि भारत एक लंबे समय से न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप (NSG) में शामिल होने की कोशिश कर रहा है लेकिन चीन हमेशा इसमें अड़ंगा डाल देता है. चीन एशिया की सबसे बड़ी ताकत बनना चाहता है और ऐसे में वो भारत को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहता. हालांकि NSG में भारत का समर्थन इस ग्रुप के बाकी देश करते रहे हैं. NSG में भारत की अध्यक्षता को लेकर अब अमेरिका की तरफ से एक बड़ा बयान आया है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर ने कहा कि अमेरिका न्यूक्लियर सप्ला‍यर्स ग्रुप (NSG) में भारत की सदस्यता के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. दिल्ली में एक कार्यक्रम में बोलते हुए केनेथ ने कहा कि ‘अमेरिका एनएसजी में भारत की सदस्यता के लिए काम कर रहा है. 48 सदस्यों वालें NSG में भारत की एंट्री पर सिर्फ चीन रुकावट डाल रहा है.

गौरतलब है कि यह मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बीते साल 26 जून को व्हाइट हाउस में हुई बैठक में उठा था. जस्टर ने आतंकवाद पर पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया. अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर के मुताबिक अमेरिका आतंकवाद पर और कड़ी कार्रवाई करेगा. पाकिस्तान को सैन्य मदद रोकने के फैसले से साफ है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब पाकिस्तान के आतंकवाद पर चुप नहीं बैठेंगे.

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बताते चलें कि अमेरिका सीमापार से घुसपैठ और आतंकियों की सुरक्षित पनाहगाह पर भी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है.जस्टर के मुताबिक अफगानिस्तान में पैठ जमाए बैठे आतंकी समूहों पर पाकिस्तान एक अहम भूमिका अदा कर सकता है. अफगानिस्तान में में भी स्थिरता आ सकती है अगर पाकिस्तान अपना दायित्व ठीक से निभाए. अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर का ये बयान तीर की तरह सीधा चीन के सीने में लगा है.