धमाकेदार खबर : जिन मदरसों में नहीं हुआ जन-गण-मन,अब योगी करने वाले हैं वो करवाई जिसके बाद उनकी पुश्तें भी राष्ट्रगान गाते हुए पैदा होंगी !

योगी सरकार ने 15 अगस्त को लेकर आदेश जारी किया था,मदरसों में जन-गण-मन भी गाया जाए लेकिन अब कई मदरसे ऐसी पाए गए हैं जहाँ ये सब नहीं हुआ है इसलिए योगी सरकार अब बहुत बड़ा कदम उठाने वाली है जिससे मदरसा संचालकों की नींद उड़ चुकी है,UP के जिन मदरसों में नहीं हुआ जन-गण-मन, वहां लगाया जा सकता है NSA राष्ट्रीय सुरक्षा कानून  !

आपको बता दें कि योगी सरकार के आदेश के बाद स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यूपी के कई मदरसों में राष्ट्रगान गाया गया और वीडियोग्राफी की गई।.लेकिन खबरों के मुताबिक यूपी के कुछ मदरसों में ये सब नहीं हुआ जिस पर योगी सरकार बहुत गुस्से में हैं और अब उन मदरसों के खिलाफ सख्त करवाई के मुड में हैं कहा जा रहा है अब वहां मदरसों से जुड़े लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया जाएगा.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेंट्रल और ईस्ट यूपी के ज्यादातर मदरसों में 15 अगस्त के दिन तिरंगा लहराया गया और राष्ट्रगान गाया गया. बरेली और वेस्ट यूपी के कुछ मदरसों में जन-गण-मन नहीं गाया गया था उसे काजी मौलाना असजद रजा खान ने पहले ही ऐलान किया था कि राष्ट्रगान ‘गैरइस्लामी’ है.

जानिये क्या है NSA एक्ट?
आपकी जानकारी के लिए हम बता दें की ये बहुत ही खतरनाक कानून है इसका इस्तमाल आंतकवादियों और देशद्रोहियों के लिए किया जाता रहा है NSA के तहत सरकार किसी भी व्यक्ति को जब तक चाहे, तब तक हिरासत में रख सकती है और हिरासत में रखने का कारण बताना भी सरकार के लिए जरूरी नहीं है.

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अगर सरकार को लगता कि कोई व्यक्ति उसे देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले कार्यों को करने से रोक रहा है तो वह उसे गिरफ्तार करने की शक्ति दे सकती है. सरकार को ये लगे कि कोई व्यक्ति कानून-व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में उसके सामने बाधा खड़ा कर रहा है तो वह उसे गिरफ्तार करने का आदेश दे सकती है. साथ ही, अगर उसे लगे कि वह व्यक्ति आवश्यक सेवा की आपूर्ति में बाधा बन रहा है तो वह उसे गिरफ्तार करवा सकती है. इस कानून के तहत जमाखोरों की भी गिरफ्तारी की जा सकती है. इस कानून का उपयोग जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, राज्य सरकार अपने सीमित दायरे में भी कर सकती है.

इसी तरह गैंगस्टर एक्ट में गिरफ्तार व्यक्ति और उसके गिरोह का नाम पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हो जाता है. इस एक्ट के तहत पुलिस आरोपी को आमतौर पर 14 दिन के बजाए 60 दिन के रिमांड पर ले सकती है !

By: hindutva Info Writer on Wednesday, August 16th, 2017