मोदी जी ने जाल में ऐसा फँसाया कि कोंग्रेसी नेता अपने हाथों खोल रहे अपनी ही पोल !!

नोटबंदी के बाद काले धन वालों के लिए तो जैसे आफ़त ही आ गयी है , जो लोग काले धन की बात पर कहते थे कि मोदी सरकार कुछ नहीं कर रही , क्या होगा ऐसे कैसे काला धन आएगा उन लोगों को इतना करारा झटका लगा है कि अब कहने लगे हैं हमने ये थोड़ी कहा था कि इतना ज़्यादा कर दो । वैसे भी मोदी एक कड़े फ़ैसले लेने वाले दमदार नेता हैं वे रिस्क लेने से डरते नहीं और देश के भले में जो सही हो वैसे फ़ैसले लेने से चूकते नहीं हैं ।

पर कोंग्रेस वाले और बाक़ी विरोधी मोदी जी की इस चाल में पूरी तरह फँस गए हैं , देश में पचास साल राज करने वाली कोंग्रस पार्टी के नेताओं के बयान सुनें तो लगता है उन्होंने आज तक कुछ किया ही नहीं और अब तो वे ऐसे उलझे कि ख़ुद ही बयान कर रहे हैं कि हमने कोई काम नहीं किया । उन बयानों पर नज़र डालते हैं ।

ग़रीबी – नोट बंदी का विरोध करने के लिए मनमोहन सिंह ने कहा कि देश की 50 % जनता ग़रीब है और उनके पास बैंक खाते ही नहीं हैं । 

मनमोहन सिंह से हमारा सवाल – आपने दस साल UPA सरकार चलायी और आप लोग पिछले पचास सालों से ग़रीबी मिटाने के दावे करते हो फिर भी ग़रीबी 50 % कैसे रह गयी ? आप लोग लोगों के खाते भी नहीं खोल पाए कैसे सरकार चलायी ?

मनमोहन सिंह  की बात का जवाब – मोदी जी ने कच्ची गोलियाँ नहीं खेली जन धन योजना के तहत लोगों के खाते पहले खोले गये फिर नोटबंदी जैसे स्कीम लायी गयी ।

शिक्षा – राहुल गांधी के अनुसार देश की 60 % जनता अनपढ़ है वो डिजिटल पेमेंट कैसे करेगी ? 

हमारा सवाल  – राहुल बाबा आपको पप्पू लोग यूँ ही तो नहीं कहते आप सारे दिन मेरे नाना , मेरी दादी , मेरे पिता जी करते रहते हो और कहते रहते हो कि उन्होंने ये किया वो किया तो भाई पप्पू राहुल गांधी जी ये बताओ जब आपने और आपके घरवालों ने इतना काम किया तो 60 % जनता अनपढ़ कैसे रह गयी ?

जवाब – राहुल गांधी जी इस देश की जनता अनपढ़ होते हुई भी आप लोगों से ज़्यादा समझदार है , आप दूसरों को अपनी तरह क्यूँ सोचते हो ? हमें पता है आप बिना देखे लिख नहीं सकते हो पर इस देश की जनता बेहद समझदार है और काम की बात सीखने में समय नहीं लगती ।

बेरोज़गारी – पाकिस्तान प्रेमी मणि शंकर अय्यर ने कहा कि इस देश में इतनी बेरोज़गारी है ये देश कैश लेस कैसे हो सकता है । 

इनसे सवाल जवाब करने का हमारा कोई इरादा नहीं है बस बात फिर से वही है कि हे कोंग्रेस वालों आपको देश की जनता ने पचास साल दिए और आज आपके ही हिसाब से देश में भयंकर बे रोज़गारी है इसका मतलब है आप लोगों ने कोई काम नहीं किया ।

बिजली – इशरत जहाँ को निर्दोष साबित करने के लिए जी जान लगा देने वाले देश के पूर्व वित्त मंत्री पी चिदम्बरम के हिसाब से देश के पचास प्रतिशत गावों में बिजली नहीं है तो कैसे कैश लेस हो पाएगा । 

आतंकवादियों के इस हितेशी को हम केवल ये कहेंगे कि आप लोगों से तो हुआ नहीं पर मोदी सरकार 2019 से पहले पहले पूरे भारत में एक भी गावँ ऐसा नहीं छोड़ेगी जहाँ बिजली ना पहुँची हो । बता दें कि जनवरी 2016 की रिपोर्ट के अनुसार अब देश में केवल 14,796 गावँ ऐसे बचे हैं जहाँ आज भी बिजली नहीं है ।

सुरक्षानोटबंदी का ऐसा विरोध हुआ कि देश के लोगों को बेईमान बताने में भी विरोधी नेता पीछे नहीं रहे उन्होंने कहा इस देश में ट्रेनों में संदास का डिब्बा भी बाँधकर रखा जाता है फिर ऑनलाइन पेमेंट को सुरक्षित कैसे रख पाएँगे ? 

जवाब – सही बात है ऑनलाइन पेमेंट बिलकुल सुरक्षित कैसे हो इस मामले में अभी सरकार को बहुत कुछ करना पड़ेगा लेकिन अगर शुरूवात ही नहीं करेंगे तो फिर सुरक्षा का ये मुक़ाम कैसे हासिल करेंगे । ज़्यादा समस्या विदेशी कम्पनियों के वालेट से पेमेंट करने में हैं क्यूँकि उनके पास हमारा DATA सुरक्षित है या नहीं कहा नहीं जा सकता । लेकिन परिवर्तन से घबराने वाले लोग केवक बातें कर सकते हैं और करके दिखाने वाले ही वास्तव में कुछ सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं ।

कुल मिलकर विरोधी पार्टियों विशेषकर कोंग्रेस ने ये साबित कर दिया कि उन्होंने पचास साल में इतना भी नहीं किया जितना मोदी केवल ढाई साल में कर चुके हैं ।

 

By: HStaff on Monday, December 19th, 2016