मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड आया घुटनों पर , मुस्लिम महिलाओं की बड़ी जीत !!

आख़िरकार मुस्लिम महिलाओं और देश का दवाब काम आया है और कट्टरपंथी घुटने पर आने शुरू हो गए हैं, लेकिन ये केवल अभी शुरूवात समझनी चाहिए  , दरअसल कट्टरपंथी लोगों ने डरते हुए ये फ़ैसला दिया है ताकि कोर्ट कि दख़ल अंदाज़ी से बच जाएँ  ।

बता दें कि अपनी एक  दो दिवसीय बैठक के तुरंत बाद रविवार को ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा है कि एक साथ तीन तलाक देना सही तरीका नहीं है , हालाँकि अभी तक बहुत से मौलवी और मौलाना टीवी पर इसको जायज़ ठहराते रहे हैं  । उन्होंने कहा है कि शरीयत में इसकी मनाही है, इसलिए बोर्ड बिना कारण के तलाक न देने का अभियान चलाएगा । चलो उन्होंने जो भी कहा है उसका स्वागत किया जाना चाहिए पर ना रुकना चाहिए और ना ही इतनी जल्दी भरोसा करना चाहिए । क्यूँकि जो कट्टरपंथी मुस्लिम लोग आज ये कह रहे हैं कि एक साथ तीन तलाक़ शरीयत् के अनुसार सही नहीं वो दवाब पड़ने पर क्यूँ बोले आज से पहले लोगों को ये बात क्यूँ नहीं बतायी  ?

हालाँकि बोर्ड ने कहा है कि इसके बाद भी अगर कोई मुस्लिम मर्द ऐसा करता है तो ऐसे लोगों का पूर्ण रूप से सामाजिक बहिष्कार किया जायेगा ,  बैठक में किए गए फैसलों की जानकारी देते हुए बोर्ड के महासचिव मौलाना मोहम्मद अली रहमानी और अयोध्या मामले में पक्षकार सुन्नी सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड के वकील और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य जफरयाब जिलानी ने कहा कि बोर्ड ने तय किया है कि तहरीके तलाक के सिलसिले में हिदायतनामा छापकर लोगों में बांटा जाएगा ।

इसके जरिए लोगों से गुजारिश की जाएगी कि एक साथ तीन तलाक न दिया जाए। अगर बहुत जररूरी हो तो भी एक से ज्यादा तलाक न दिया जाए, ताकि सुलह समझौते की गुंजाइश बनी रहे। उन्होंने कहा कि बोर्ड ने तय किया है कि बिना कारण के तीन तलाक देने वालों का सामाजिक बहिष्कार किया जायेगा। इससे तीन तलाक पर रोक लगेगी। उन्होंने बताया कि शरीयत में एक साथ तीन तलाक देने की इजाजत नहीं है।

उनका आरोप था कि तीन तलाक के मसले को मीडिया बेवजह बढ़ा चढ़ाकर दिखा या छाप रहा है। मीडिया को सही जानकारी लेकर ही इस सम्बंध में सामचार छापना या दिखाना चाहिए। उनको हम hindutva info मीडिया की तरफ़ से कहना चाहते हैं कि क्यूँ नहीं बोर्ड के लोग पूरे देश के सामने सही जानकारी रखते ताकि मीडिया को भी पता चल जाए और देश को भी पता चल जाए  । क्यूँ नहीं मुस्लिम मौलवी या बोर्ड अपनी तरफ़ से कोई आधिकारिक पुस्तक जारी करता  ? क्यूँ लोगों को अंधेरे में रखा जा रहा है ? मीडिया को कोसने से पहले बोर्ड को अपने गिरेबाँ में झाँकने की आवश्यकता है आख़िर उन्होंने क्यूँ स्पष्ट नहीं किया उन्होंने देश को आज तक अंधेरे में क्यूँ रखा  ? देखें ट्वीट

By: HStaff on Sunday, April 16th, 2017

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