दिन में गलन, रात में कोहरा, दर्द हुआ दोहरा

लोगों का कहना है की यहां दर्द दोहरा हो गया है

अलीगढ: में बताया जा रहा है कि कोहरे और कड़ाके की सर्दी के कारण लोगों को चिल ब्लेन (हाथ व पैरों की उंगलियों का लाल पड़ जाना, सूज जाना और उनमें खुजली होना) की समस्या होने लगी है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें इसके लक्षण और बचाव के साधन बताए गए हैं। जैसे की हम देख पा रहे है की ठण्ड की बजहा से बहुत लोग बीमार हो रहे है I

Melting in the day, fog at night, repeating pain

एसी बिमारियों से बचने के लिए सभी सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इसको पहुंचा दिया गया है। जिला अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों और निजी क्लीनिकों पर भी ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राम किशन कहते हैं कि इस समय बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। सबसे ज्यादा जरूरी है कि खुले में न रहें। अधिक से अधिक समय इनडोर में रहें। गौरतलब है कि सर्दी के चलते हुए हार्ट अटैक से गुरुवार की रात रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे पूर्व फौजी की मौत हो गई थी।

क्या है चिलब्लेन

आइए जानते है की चिल ब्लेन बीमारी क्या है चिलब्लेन बीमारी गलन वाली सर्दी में होती है। ज्यादा ठंडे पानी में काम करना या ज्यादा सर्दी होने के बाद पैर व उंगली के हिस्से को सर्दी के बचाव के प्रबंध न करना। इसके बचाव के लिए हाथों में दस्ताने पहन कर रखें और पैरों में जुर्राब पहनें। जहां तक हो सके तो ऊनी व सूती कपड़े पहने। इसके इलाज है  चिल ब्लेन होने के तुरंत बाद डॉक्टर को दिखाएं। अगर किन्हीं कारण डॉक्टर को नहीं दिखा पाए हैं तो घर पर इलाज कर सकते हैं। हल्का गर्म पानी उंगलियों पर डालें। यह प्रक्रिया कुछ देर करते रहें और उसके बाद सरसों का तेल या डॉक्टर द्वारा बताई गई क्रीम का प्रयोग करें।

Image result for अलीगढ में कोहरे की पिक्स

शनिवार को धूप तो खिली, लेकिन राहत नहीं मिली
शनिवार को सुबह जबरदस्त कोहरे और सर्दी के बाद दिन भर धूप तो खिली, लेकिन कड़ाके की सर्दी से लोगों को राहत नहीं मिली। तीर की तरह चुभ रही ठंडी हवा के चलते धूप उतनी असरकारक नहीं रही जितनी खिल रही थी। इसके अलावा कोहरे और सर्दी के चलते पटरी से उतरा ट्रेनों का परिचालन अभी भी पटरी पर नहीं आ सका है।

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