जानिये कोहिनूर हीरे से जुडी कुछ बेहद चौंका देने वाली सच्चाई !

क्या आप जानते है !!

रोज हम आपके लिए देश-विदेशो की तरह-तरह खबरे लेकर आते है लेकिन आज जो खबर हम आपके लिए लाये है उसे शायद ही आप में से कोई जानता होगा आज हम बात करने जा रहे है कोहिनूर हीरे के बारे में जो जरा हटके है .

कोहिनूर हीरे की कुछ अनसुनी बाते है जिन्हें आपका जानना बहुत जरुरी है कोहिनूर का अर्थ होता है रोशनी का पहाड़ और इसकी खोज सबसे पहले आंध्रप्रदेश राज्य के गुंटूर जिले में गोलकुंडा की खदानों में की गयी थी कहा जाता है कि 1294 के आसपास कोहिनूर हिरा ग्वालियर के किसी राजा के पास था .इसके बाद 1325 – 1351 ई. तक मोहम्मद बिन तुगलक के पास रहा .

इसके बाद शाहजहां ने इस कोहिनूर को अपने मयूर सिहांसन में जड्वाया था जिसके बाद 1739 में फ़ारसी शासक नादिर शाह अपने साथ भारत ताउस और कोहिनूर हीरो को पर्शिया ले गया ऐसा भी कहा जाता है कि खदान से निकला कोहिनूर हिरा 793 कैरेट का था उस समय की एक खास बात ये थी कि हिन्दू इतिहास के मुताबिक इस हीरे को केवल महिलाएं ही धारण कर सकती थी .

फिलहाल आगे की जानकारी के लिए आपको अब ये वीडियो देखनी होगी :-