दुनिया के सबसे खतरनाक शासक को बाँध कर पूरे शहर में घुमाया था इस हिन्दू राजा ने..

आपको ये जान कर शायद काफी गौरव हो की दुनिया के सबसे क्रूर शासक को एक हिन्दू राजा ने बाँध कर पूरे उज्जैन में घुमाया था. हम बात कर रहे है कैलिगुला उर्फ़ रोमन गायस सीजर, जो की रोम का शासक था. ये शासक खुद को भगवान् मानता था और इसने लोगों को विवश किया थकी लोग इसे पूजे. जिसने भी इस शासक का विरोध किया, उसे मौत के घाट उतर दिया गया. सीजर ने आपसे शासन में क्रूरता की सारी हदें पार कर दी थी. इसने अपने शासनकाल में हिन्दुओं पे बहुत ज़िल्म किये.

सीजर इतना निर्दयी था की ये अपराधियों को सजा देने के लिए उन्हें शेर के पिंजरे में छोड़ देता था. ये ही नहीं, कई बार तो सीजर अपराधियों की जीभ काटकर शेर के पिंजरे में छोड़ देता था ताकि वह आदमी चीख भी न सके. सिर्फ चार साल के शासन में इसने कई हज़ार लोगों को मौत के घाट उतर दिया.

सीजर की तानाशाही ही उसकी मौत का कारण बनी. सीजर का बुरा वक्त तब शुरू हुआ जब हिन्दू सम्राट विक्रमादित्य हिन्दुओं के बचाव के लिए आगे आये. इस हिन्दू राजा ने सीजर को 78 इसा पूर्व में न सिर्फ बंदी बनाया था बल्कि पूरे उज्जैन में सजा के तौर पे गलियों में भगाया भी था. इसके बाद रोमन लोग राजा विक्रमादित्य से इतना डर गए थे की उन्होंने ईरान, इराक और कई अन्य अरब देश छोड़ के भाग निकले. इस हिन्दू राजा ने अरब लोगों की ऐसी हालत कर दी थी की उन्होंने 400 साल तक कभी भारत की और मुड कर नहीं देखा.

हालाँकि राजा विक्रमादित्य ने अरबियों को उनकी क्रूरता का अच्छा सबक सिखाया, लेकिन वह अपनी प्रजा के लिए बिलकुल उत्तम था. एक अरबी कवी जिसका नाम जिरहम विन्तोई था उसने विक्रमादित्य के शासन को सबसे अच्छा बताया है. उसने लिखा है की सम्राट विक्रमादित्य के राज में लोग सबसे भाग्यशाली थे क्यूंकि ये राजा सिर्फ अपनी प्रजा के कल्याण के बारे में सोचता था. उसने ये भी लिखा था की विक्रमादित्य एक दयालु, सचरित्र और कर्ताव्यनिष्ट था. चूँकि उज्जैन सनातन धर्म के प्रमुख शहरों में से एक था, इसीलिए विक्रमादित्य ने इस शहर को अपनी राजधानी बनाया था और यही सीजर को सजा भी दी थी.

राजा विक्रमादित्य पूरे विश्व में धर्म रक्षा, उदारशीलता और अपनी वीरता के लिए प्रसिद्ध था. इन्होने केवल 20 वर्षों में शकों को अपने बल से खदेड़ बहार फेंक दिया था और भारत को हिन्दू राष्ट्र होने का गौरव दिलवाया था.

By: Vishal Kashyap on Thursday, February 16th, 2017