राष्ट्वादियों की ताबड़तोड़ ठुकाई के बाद मिमियाए कन्हैया कुमार ने कहा RSS –बीजेपी …

लातों के भूत बातों से नहीं मानते -क्या इनकी ठुकाई ज़रूरी है ?

दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामजस कॉलेज में बामपंथी विचारधारा के छात्रसंघ और ABVP के बीच हुई भयंकर भिडंत का मुद्दा सुलझने का नाम ही नहीं ले रहा. ABVP संगठन के कुछ छात्रों ने इन वामपंथियों को ऐसा धोया की ये रोते मिमियाते पिछले कल वहीँ नजदीकी पुलिस स्टेशन पहुंचे और वहां पर पुलिस के खिलाफ ही प्रदर्शन करना शुरू कर दिया और वहां पर भी पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की ।

इन देशविरोधी मानसिकता के अराजक तत्वों के नेता और आधुनिक रोल मॉडल कन्हैया कुमार भारती ने सोशल मीडिया में अपनी फेसबुक वाल पर मिमियाते हुए ABVP or RSS के बारे में लिखा की दिल्ली के रामजस कालेज में एबीवीपी ने जो किया उससे पता चलता है की RSS क्या संस्कार देता है.  कन्हैया कुमार ने अपने मन की भडास निकालते हुए कहा की RSS-BJP और ABVP के तमाम लोग जो अपने आपको भारत माता और भारती की संस्कृति के रक्षक मानते हैं उन्होंने हमें बोलने की आजादी से वंचित किया. हमें अपनी बात बोलने नहीं दी . वो हर बार हमसे अभिवयक्ति की आजादी को छीनने की कोशिश करते हैं . मगर प्रतिशील ताकतों की एकजुटता के आगे वो अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पायेंगे. खैर यह तो देशद्रोही आरोपी कन्हैया का पक्ष था.

तो हम भी इस देशद्रोही के आरोपी से पूछना चाहते हैं ?  

एक – जब आप एक शिक्षा संस्थान के अंदर ही खुले आम हुडदंगबाजी करते हुए आजादी के नारे लगाते हो ? भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशाअल्लाह -इंशाअल्लाह ,भारत की बर्बादी तक जंग जारी रहेगी , हमें चाहिए आजादी, अफजल हम शर्मिंदा हैं तेरे कातिल जिन्दा हैं.  तो यह कौन सी विचारधारा है , ये कौन सी अभिव्यक्ति की आज़ादी है ? देश के ख़िलाफ़ बोलने की आज़ादी  ?

दो – क्या ये यह आपकी प्रगतिशीलता ? भारत माता के विरुद्ध नारे लगाने, आतंकी के लिए इन्साफ और भारत के अंदर रहते हुए आजादी मांगने की बात को आप प्रगतिशीलता मानते हो ? हम देशद्रोह के आरोपी कन्हैया से पूछना चाहते हैं कि वे देश को बताएँ की यह कौन सी विचाधारा कौन से संस्कारों के अंदर इस तरह की प्रगतिशीलता सिखाई जाती है ?

तीन – केरल में आए दिन RSS और भाजपा के लोगों की , नेताओं की और कार्यकर्ताओं की हत्याएँ की जा रही हैं अगर देशभक्त लोगों ने देशद्रोही नारे लगाने वालों की थोड़ी सी धुनाई कर दी तो तकलीफ़ हो गयी  ? लेकिन अपनी वामपंथी सरकारों के कुकर्मों पर आपकी बोलती बंद क्यूँ रहती है  ? उस पर कभी कुछ क्यूँ नहीं बोलते  ?

दरअसल सच्चाई तो यही है की आप जैसे और आपके समर्थक आज देश के अंदर बैठ कर ही देश के लिए सबसे बड़ा खतरा बनते जा रहे हो . जिसके लिए आप जैसों के दिमाग की रिपेयर करना जरुरी हो जाती है जो पहले देशभक्तों ने जेएनयु के अंदर भी की थी और अब डीयू के रामजस कालेज में भी हो गई. इसलिए आज देश के अंदर रहते हुए किसी बाहरी शक्ति के इशारे पर देशद्रोह की साजिश रचने वाले वाले हर उस देशद्रोही की मुरम्मत जरुरी है और समय से पर आगे भी जारी रहनी चाहिए ।