अलगाववादियों पर सबसे बड़े खुलासे और घातक षड्यंत्र का पर्दाफ़ाश , वहाँ से यहाँ ऐसे बुलाए जाते हैं आतंकी

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने किया हिज्बुल मुजाहिद्दीन के एक बड़े रिक्रूटमेंट मॉड्यूल का भंडाफोड़, कई नाम आए सामने..

भारत से बना देश पाकिस्तान आज उसी का दुश्मन बन बैठा है. पाकिस्तान आज आतंकवाद का गढ़ बन गया है. वो अपने मंसूबो को पूरा करने के लिए कुछ भी कर सकता है. पाकिस्तान मुसलमानों को इतना कट्टर बना रहा है कि ये कट्टर मुसलमान किसी भी हद तक जाकर सिर्फ भारत को ही नुकसान पहुंचाते है. वैसे मुसलमान चाहे सरहद के अंदर हो या सरहद के पार वो अपने साथ साथ बाकि धर्मो और आम जनता के लिए खतरा ही होते है. भारत देश में गद्दारों की कोई कमी नहीं है. चाहे वो कश्मीर के पत्थरबाज़ हो, कम्युनिस्ट पार्टी, सेक्युलर मीडिया या फिर हमारे राजनेता.

ख़ुलासा और षड्यंत्र 

आज जो खबर हम आपको बताने जा रहे है, उसे सुनने के बाद तो मानो आपके पैरो तले से ज़मीन ही खिसक जाएगी. खबर के अनुसार जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा गिरफ्तार हिज्बुल आतंकी अब्दुल राशिद भट्ट ने अलगाववादी संगठनों की कथित सिफारिश पर कानूनी रूप से वैध वीजा हासिल कर आतंक की ट्रेनिंग लेने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर गया था.

आपको बता दे कि गिरफ्तार अब्दुल राशिद भट मई महीने में पाकिस्तान गया था और पाक अधिकृत कश्मीर स्थित हिज्बुल के खालिद बिन वलीद कैंप में ट्रेनिंग ली थी. सूत्रों को दिए बयान के मुताबिक भट ने पूछताछ में बताया है कि उसे हुर्रियत के गिलानी धड़े की सिफारिश पर नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग से वीजा मिला था. बता दे कि अब्दुल राशिद भट ने पाकिस्तान में हिज्बुल मुजाहिद्दीन के कैंप में एके-47 और ग्रेनेड चलाने की ट्रेनिंग ली है.

पाकिस्तान उच्चायोग कर रहा आतंकियों की मदद :

अपने एक बयान में आईजी मुनीर खान ने बताया है कि, “साल डेढ़ साल में यह कम से कम पांचवां मामला सामने आया है जब आतंकियों ने एलओसी पार करने के लिए आधिकारिक दस्तावेजों का उपयोग किया हो”.

पाकिस्तानी एजेंटों के खिलाफ एक्शन क्यों नहीं :

मीडिया को दिए एक बयान के अनुसार सुरक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल पीके सहगल ने कहा है कि भारतीय सुरक्षा बलों के खिलाफ साजिश रचने के लिए पाक हर तरीका अपना रहा है लेकिन अब उनकी पोल खुल चुकी है. उन्होंने आगे कहा कि अलगाववादियों के आतंकी सैयद सलाहुद्दीन के साथ लिंक हैं और अब हमारे पास ज्यादा सबूत भी हैं. इतना सब कुछ होने के बावजूद हम कोई करवाई क्यों नहीं कर रहे है..

वाघा बॉर्डर का यूज कर रहे आतंकी :

आपको बता दे कि भट का केस इसलिए चौंकाने वाला है क्योंकि यह पहली बार नहीं है कि आतंकियों ने पाकिस्तान जाने के लिए वैध रूट का इस्तेमाल किया हो, इससे पहले भी चार फरवरी को दो आतंकी अजहर खान और बोमोई सोपोर ट्रेनिंग हासिल करने के लिए लीगल रूट पकड़ कर वाघा बॉर्डर के जरिए एलओसी पार गए थे. लेकिन सुरक्षा बलों के साझे अभियान में ये दोनों मारे गए थे.

परवेज वानी चला रहा हिज्बुल के इस मॉड्यूल को :

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि सीलू सोपोर का रहने वाला और मार्च महीने में एक मर्डर केस में गिरफ्तार हिज्बुल कमांडर इरशाद ख्वाजा ने इस साजिश की पुष्टि की थी. पूछताछ में उसने बताया कि इस मॉड्यूल को उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में गगलूरा हंदवाड़ा का रहने वाला हिज्बुल कमांडर परवेज वानी चला रहा है. मॉड्यूल की योजना वैध वीजा के जरिए ज्यादा से ज्यादा लड़कों को आतंकी ट्रेनिंग दिलवाने के लिए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भेजने की है.

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बताते चले कि हमारे समाज ने कुछ ऐसे भी सेक्युलर लोग है, कम्युनिस्ट लोग है, वामपंथी नेता है जो खाते तो भारत का है लेकिन गुणगान और समर्थन पाक-चीन का ही करते है. हमारे भारत देश के अलगाववादी नेताओं ने एकबार फिर अपना असली चेहरा दिखाया है. इन सबके खिलाफ इतने सबूत होते हुए भी इनको गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा है ?? ये एक बड़ा सवाल है..

By: jagjit singh on Monday, July 17th, 2017