मंदिर के सामने प्रसाद बेचकर गुजारा करती है CM योगी की बहन,ये फर्क है बीजेपी और दूसरी पार्टियों में !

सांसारिक मोहमाया छोडकर वैरागी बनना क्या होता है, यह कोई योगी आदित्यनाथ और उनके परिवार से पूछे. गोरक्षनाथ पीठ जैसे प्रख्यात मंदिर के महंत और पांच बार सांसद और अब मुख्यमंत्री होने के बाद भी उनका परिवार उसी हाल में है, जैसे कि पहले था, जब वे महंत भी नहीं थे !

दोस्तों योगी आदित्यनाथ सन्यासी बनने के लिए एक बार घर से बाहर निकले तो फिर उन्होंने आजतक पीछे मुड़कर नही देखा है जहां एक बार सांसद-विधायक होते ही लोग अपने परिवार क्या रिश्तेदारों को भी मालामाल कर देते हैं  वहीँ योगी आदित्यनाथ ने परिवार की मदद न करते हुए मिसाल पेश की है. लेकिन क्या आप यह जानते है कि योगी की तीन बहने भी है. जिनमे से सबसे छोटी बहन शशि नीलकंठ मंदिर में प्रसाद और फूलों की माला बनाकर बेचने का काम करती है.

CM योगी की बहन शशि ने इस बारे में फिर से पूछने पर बताया कि वह नहीं चाहती कि किसी को पता चले की वो योगी आदित्यनाथ की बहन है. वह एक झोंपड़ी में अपने परिवार के साथ रह रही है. दरअसल यहाँ रहने के पीछे यह वजह यह भी है कि कोई भी झोपडी में रहने वाली महिला के बारे में यह नहीं सोचता कि वह CM की बहन है.
शशि ने बताया कि साल 1992 में उनकी शादी गढ़वाल के रहने वाले पूरन से हुई थी और उनकी शादी के बाद ही योगी आदित्यनाथ उर्फ अजय बिष्ट घर छोड़कर चले गए थे. उनका कहना है कि योगी के सांसद बनने से लेकर अब तक उनकी भाई योगी से कोई बात नहीं हो पाई है. बचपन की यादो में खोते हुए बहन ने बताया कि परिवार में सब कुछ बहुत बेहतर चल रहा था.  यहाँ तक कि 7 भाई-बहनों के साथ योगी भी पढ़ाई लिखाई और परिवार के कामों में बहुत समझदार थे.
इसके साथ ही शशि ने ये भी बताया कि उन्होंने योगी को स्कूल से लाने और ले जाने का काम किया है. लेकिन अब भाई के CM  बनने के बाद कई लोग पूछते है तो यह कहना पड़ता है कि वह उनकी बहन नहीं है. शशि अपने दुःख को व्यक्त करते हुए कहती है कि पिछले 27 सालों से वह भाई योगी और परिवार से नहीं मिल पाई हैं ।
हालाँकि कुछ लोग बोलेंगे कि योगी राज को अपने परिवार की देखभाल करनी चाहिए और उनकी मदद करनी चाहिए , लेकिन इसका एक दूसरा पहलू ये भी है कि देश के लिए अपने परिवार तक को अपने पास ना आने देने वाले योगिराज जैसे संत या शुद्ध राजनेता ही देश की सच्ची और निस्वार्थ सेवा कर सकते हैं , मीडिया ने आज उनकी बहन खोज ली है क्यूँकि वे CM है पर क्या मीडिया को उनके और उनके परिवार के त्याग के बारे में नहीं लिखना चाहिए  ?

By: Thakur Mintu on Thursday, August 10th, 2017