इसी गन से भगत सिंह ने ली थी सैंडर्स की जान, 90 साल बाद देख रही है दुनिया !!

17 दिसंबर 1928 को भगत सिंह ने अपनी जिस गन से “ब्रिटिश एएसपी ऑफिसर जॉन सैंडर्स” को  गोली मारी थी . उस गन को देखने का सुनहरा अवसर आखिरकार लोगों को मिल ही गया है . बता दें कि लगभग 90 साल बाद शहीद भगत सिंह की पिस्तौल को स्टोर रूम से निकालकर डिसप्ले किया गया है .

28 September 1907 को अमर शहीद भगत सिंह का जन्म हुआ था , आज भी 28 September है इसलिए हम ये लेख आपके लिए लेकर आए हैं  ।

 

दरअसल भगत सिंह की .32 mm की “कोल्ट ऑटोमैटिक गन” इंदौर स्थित सीएसडब्ल्यूटी सीमा सुरक्षा बल के रेओटी फायरिंग रेंज में डिसप्ले के लिए लगाई गई है . आजादी की लड़ाई में शहीद भगत सिंह का जो योगदान रहा है उसके बारे में बताने की तो कोई जरूरत ही नहीं है . आज भी पूरा देश भगत सिंह का नाम बड़े आदर और सम्मान के साथ लेता हैं . आज जब उनकी गन प्रदर्शनी के लिए लगाई गई तो उसे देखने के लिए बहुत बड़ी संख्या में लोग म्यूजियम आए थे .

बता दें कि गन को डिसप्ले के लिए लगाने की जिम्मेदारी सीएसडब्ल्यूटी संग्रहालय के संगरक्षक, असिस्टेंट कमांडेंट विजेंद्र सिंह को दी गयी थी . उन्होंने बताया कि वह भगत सिंह की गन को निकालते समय बहुत ज्यादा उत्साहित थे और जब उन्होंने गन के सिरीयल नंबर को रिकॉर्ड्स के साथ मैच किया तो दोनों ही नंबर एक निकले जिससे वह काफी आश्चर्यचकित हुए . CSWT म्यूजियम में कई ऐसे कई हथियार हैं जिनका संबंध इतिहास की कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ा हुआ है . दूसरे विश्वयुद्ध से आज तक इस तरह के विशेष हथियारों को संग्रहालय में जगह दी गयी है इसके साथ-साथ आप इस म्यूजियम में विंटेज से लेकर मॉर्डन वेपंस और कई रॉकेट के आवरण भी देख सकते है ।

By: Jyoti Kala on Thursday, February 16th, 2017