शानदार : भारतीय वैज्ञानिकों ने कर दिखाया करिश्मा, बना डाली कैंसर की दवाई !

पोधों से बना डाली कैंसर की दवा, किया अद्भुत करिश्मा !

दोस्तों भारत के वैज्ञानिकों ने आज जितनी उन्नति कर ली है इतनी शायद ही किसी और ने की होगी. दुनिया भर में भारतीय वैज्ञानिक देश का नाम रोशन कर रहे है इसी कड़ी में भारतीय वैज्ञानिकों ने लाइलाज कैंसर की 2 दवाएं विकसित कर दी है और इससे भी ज्यादा खास बात तो ये है कि इन दवाओं को रामपत्री पौधे से तैयार किया गया है जो दुनियाभर में कैंसर रोगियों के जीवन की रक्षा करने में मददगार होगी.

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बता दें रामपत्री पौधे से बनाई गई कैंसर की दवा का परीक्षण चूहों पर किया जा चुका है !

आपकी जानकारी के लिए बता दें, रामपत्री पौधा मसाले के रूप में भी प्रयोग किया जाता है और यह देश के पश्चिम तटीय क्षेत्रों में पाया जाता है. इससे पहले बार्क कैंसर के कोबाल्ट थेरैपी उपचार के लिए ‘भाभाट्रोन’ नाम की मशीन भी बना चुका है जिसका इस्तेमाल आज दुनिया के कई देशों में हो रहा है. वैज्ञानिकों ने कैंसर की दो दवाएं विकसित की हैं इन दवाओं को रामपत्री पौधे से तैयार किया गया है.

बार्क द्वारा ‘रामपत्री’ नामक पौधे के अणुओं से बनाई गई कैंसर की दवा रोग के उपचार में क्रांति लाने में सहायक हो सकती है। यह दवा फेफड़े के कैंसर और बच्चों में होने वाले दुर्लभ प्रकार के कैंसर ‘न्यूरोब्लास्टोमा’ के उपचार में काफी असरदार साबित हो सकती है। न्यूरोब्लास्टोमा एक ऐसा कैंसर है जिसमें वृक्क ग्रंथियों, गर्दन, सीने और रीढ़ की नर्व कोशिकाओं में कैंसर कोशिकाएं बढऩे लगती हैं.

बार्क के बायोसाइंस विभाग के प्रमुख एस. चट्टोपाध्याय ने बताया कि वैज्ञानिक पौधों से कैंसर की दवाएं विकसित करने के लिए कई वर्षो से शोध कर रहे हैं. इसी दिशा में रेडियो मोडिफायर और रेडियो प्रोटेक्टर के नाम से इन दोनों दवाओं को विकसित किया गया है. दोनों दवाओं का पूर्व परीक्षण किया जा चुका है और सरकार से मनुष्यों पर दवा के परीक्षण की अनुमति मांगी गई है. इनके पेटेंट के लिए भी आवेदन किया गया है और जल्द ही पेटेंट मिलने की उम्मीद है.

इस साल जून से मुंबई में टाटा मेमोरियल सेंटर रेडियो मोडिफायर दवा का क्लीनिकल परीक्षण शुरू कर सकता है. वैज्ञानिक संतोष कुमार संदुर ने बताया कि रेडियो मोडिफायर दवा किसी रेडिएशन थेरेपी के दौरान स्वस्थ कोशिकाओं की रक्षा करती है. किसी परमाणु दुर्घटना के चार घंटे के अंदर अगर यह दवा दी जाए तो प्रभावित व्यक्ति को बचाया जा सकता है.

 

By: Thakur Mintu on Sunday, July 16th, 2017