आज भी मौजूद है भीम के द्वारा बनाया गया यह पुल महाभारत को झूठा कहने वालों के मुँह पर तमाचा !

ये है भारत का आखिरी गांव, यहीं है स्वर्ग जाने का रास्ता !

ये है भारत का आखिरी गांव, यहीं है स्वर्ग जाने का रास्ता…

हिमालय में बद्रीनाथ से तीन किमी आगे समुद्र तल से 19,000 फुट की ऊंचाई पर बसा है भारत का अंतिम गांव माणा. हिंदुस्तान के आखिरी गांव माणा में आज भी पांडवों को स्वर्ग की ओर ले जाने वाला पुल मौजूद है. पौराणिक मान्यता के मुताबिक स्वर्ग जाते वक्त महाबली भीम द्वारा दो चट्टानों को खींचकर यह पुल बनाया गया है.

दो चट्टानों से बना यह विशाल पुल बदरीनाथ के पास है. यहीं सरस्वती नदी पर यह भीमपुल बना है.यह अचंभित करने वाला पुल पत्थर की बड़ी शिला से नदी के दोनों किनारों को जोड़कर बनाया गया है. इसके नीचे से सरस्वती नदी बहती है. पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक इतने बड़े और भारी पत्थरों से पुल बनाने का यह कारनामा पांडू पुत्र महाबली भीम द्वारा किया गया था.

मान्यताओं के मुताबिक जब पांडव स्वर्ग की ओर जाने के लिए इस स्थान पर पहुंचे, तो यहां आकर द्रोपदी को नदी पार करने में डर लगने लगा. रास्ता मांगने पर जब सरस्वती नदी ने पांडवों द्वारा रास्ता मांगने पर इंकार किया, तब गुस्से में आकर भीम ने चट्टान खींचकर द्रोपदी के लिए नदी पर पुल बना दिया. तब से इस पुल का नाम भीम पुल हो गया.

अधिक जानकारी के लिए देखें नीचे दी गई वीडियो. अगर किसी वजह से वीडियो न चले तो वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करें !

इस पुल के नीचे से अदृश्य मानी जाने वाली सरस्वती बहुत वेग व शोर के साथ बहती है. यह नदी आगे चलकर अलकनंदा से मिल अदृश्य हो जाती है. इसके बाद सरस्वती नदी अदृश्य हो जाती है. इसमें भी पौराणिक मान्यता जुड़ी है कि जब सरस्वती के रास्ता देने से इंकार करने पर भीम ने गुस्से से जमीन पर अपनी गदा से प्रहार किया जिससे नदी पाताल लोक में चली गई.

अगर आपको दी गई जानकारी पसंद आई तो ऐसी ही और खबरों के लिए हमें फ़ॉलो कीजिए !