भगवान श्री कृष्ण ने कभी देवी राधा से विवाह क्यों नहीं किया ??

एक अमर प्रेम कथा

कृष्ण राधा की प्रेम कहानी अमर है। चरवाहे कृष्ण का गोपी राधा के साथ प्रेम संबंध ऐतिहासिक और बहुत समय से प्रसिद्ध है. हजारों लोग जो इनकी इस अमर प्रेम कथा की सरहाना करते हैं, कभी ना कभी बस इसी बात पर चिंतित हो उठते हैं की “कृष्ण और राधा ने विवाह क्यों नहीं किया?” खैर, कृष्ण ने राधा से शादी क्यों नहीं की, इस बारे में भिन्न-भिन्न लोगों से किये एक सर्वेक्षण से उनके कई विचार सामने आए. चलिए इस दिलचस्प विषय के बारे में जानते हैं …

जय बागरी का कहना है: “प्रेमियों के रूप में राधा और कृष्ण की कहानी, मध्यकालीन युग के दौरान भक्ति आंदोलन के बाद से लोकप्रिय है। कवियों ने इस आध्यात्मिक संबंध को एक भौतिक रूप दिया है, और औसत दर्शकों के लिए इस तस्वीर को विकृत कर दिया। प्राचीन प्रार्थना, ‘रुक्मणी सत्यभामा समेठा श्री कृष्णमसरा’ में राधा का कोई जिक्र नहीं है।” भागरी निष्कर्ष निकलते हुए कहते हैं, “तो, कृष्ण १० साल की उम्र तक ही राधा को जानते थे. उसके बाद वह नंदन वन के लिए कभी लौटे ही नहीं और ना ही राधा द्वारका गयीं. दक्षिण भारत के प्राचीन ग्रंथों में राधा का कोई जिक्र नहीं है. हालांकि इसके कई संस्करण हैं। एक संस्करण में कहा गया है कि उनका बचपन में ही विवाह करा दिया गया था और वे भी खुद भगवान ब्रह्मा जी के द्वारा….”

पॉल हावर्ड का श्री राधा-कृष्ण की लीलाओं के बारे में कहना है: “भौतिक अस्तित्व आध्यात्मिक गतिविधियों का एक विकृत प्रतिबिंब है। कृष्ण अति चंचल हैं; और भौतिक जीवन में हर कोई विभिन्न तरीकों से कृष्ण की तरह बनना चाहता है, लेकिन नतीजा अप्रिय ही होता है.” वह आगे कहते हैं “हम संवैधानिक रूप से कृष्ण के नौकर हैं, और नौकरों को मालिक की नकल कभी नहीं करनी चाहिए. सब कुछ कृष्ण की संपत्ति है और स्वाभाविक रूप से कृष्ण के मनोरंजन के लिए है, तो जब हम कृष्ण की नकल करते हैं, यह वास्तविकता के खिलाफ एक अपराध है. प्यार में जुदाई, प्यार को और भी गहरा कर देती है, इसलिए कृष्ण का सार्वजनिक रूप से राधा से शादी ना करना, उनके प्यार को बढ़ाता है। राधा कृष्ण की सदा अलग रहने वाली परछाई हैं, इसलिए उनकी शादी अनावश्यक है।”

मधु राव ने लिखा है: “भगवान कृष्ण ने राधा से इसलिए शादी नहीं की ताकि साबित कर सकें की प्रेम और विवाह दो अलग अलग बातें हैं… प्यार एक नि:स्वार्थ भावना है … जबकि विवाह एक समझौते या व्यवस्था है.” प्रतीक कुमार कहते हैं: “राधा यह जान चुकी थीं कि वो परमेश्वर हैं और वह एक भक्त के रूप में उनके साथ प्यार में थीं और भक्ति भाव में खोई हुई थीं जिसे लोगों ने प्यार समझ लिया… (मीराबाई की तरह)”

जब वैष्णव चरण दास से पुछा गया की कृष्ण और राधा ने शादी क्यों नहीं की, तो उन्होंने जवाब दिया: “हम मनुष्यों को बताने के लिए की बिना शर्त और अमर प्रेम क्या होता है ...” लिया डी कहती हैं : कृष्ण ने राधा से शादी इसलिए नहीं की थी “क्योंकि वैदिक ग्रंथों के अनुसार, यह प्यार का उच्चतम रूप है…

संचारी घोष ने लिखा है: “एक संस्करण के अनुसार, राधा ने कृष्ण से शादी करने से इनकार इसलिए कर दिया था क्योंकि उन्हें लगा की वह राज महल के लायक नहीं हैं. उन्हें लगा की कोई भी एक गाय चराने वाली का सम्मान नहीं करेगा. लोग उम्मीद करेंगे की कृष्ण की शादी एक राजकुमारी से हो. प्राजक्ता भिडे बताती हैं: “मैंने कहीं पढ़ा था की राधा ने कृष्ण से पुछा था की वह उनसे शादी क्यों नहीं करते? और उन्होंने कहा था की ‘कोई अपनी आत्मा से शादी कैसे कर सकता है’?”

By: Vandit Rastogi on Saturday, August 1st, 2015