ये है तैमूरलंग का असली सच!

पढ़िए इतिहास, जिसके नाम पर मचा है हंगामा, आखिर कौन था वो तैमूरलंग ?

इतिहास ऐसे बहुत से खूनी और वहिशी दरिंदो से भरा पड़ा है जो कहने को तो बादशाह थे पर काम लुटेरों और हत्यारों से भी बढ़कर करते थे. इनमें से ही एक नाम है तैमूरलंग का, जो चौदहवी शताब्दी का एक शासक था जिसने तैमूरी राजवंश की स्थापना की थी. उसका राज्य पश्चिमी एशिया से लेकर मध्य एशिया तक फैला हुआ था.

तैमूरलंग का जन्‍म अप्रैल 1336 में ट्रांसोजियाना में हुआ था इसे अब उजबेकिस्‍तान के नाम से जानते हैं. तैमूर को उसके समय का सबसे मजबूत मुस्लिम शासक माना जाता है. वह खुद को ‘स्‍वॉर्ड ऑफ मुस्लिम’ कहता था, वह एक मंगोल शासक था. तैमूर मंगोल विजेता चंगेज खां की तरह पूरी दुनिया को जीतना चाहता. जैसे चंगेज खान ने मंगोलिया से निकलकर आधे यूरेशिया पर अपना कब्जा किया था.

तैमूर भी उसी तरह से दुनिया में अपनी बादशाहत कायम करना चाहता था. वह सिकंदर की तरह दुनिया को जीतने की ख्‍वाहिश रखता था. तैमूर ने मंगोल क्षेत्र में बसे लोगों को इस्‍लाम धर्म कुबूल करने के लिए मजबूर किया था. अपने मिलिट्री कैंपेन के तहत तैमूर ने करीब 17 मिलियन लोगों की हत्‍या की थी यह आंकड़ा आज दुनिया की आबादी का करीब पांच प्रतिशत है.

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तैमूर लंगड़ा था लेकिन उसकी क्रूरता में कोई कमी नहीं थी. तैमूर लंग का साम्राज्य वेस्‍टर्न एशिया से लेकर सेंट्रल एशिया होते हुए भारत तक फैला था. तैमूर ने अपनी सेना को आदेश दिया हुआ था कि जो भी उसे मिले उसे मार दिया जाए. तैमूर की सेना ने पुरुषों को मार दिया तो महिलाओं और बच्‍चों को बंदी बनाया. 1369 में समरकंद के मंगोल शासक के मरने के बाद तैमूर ने उसकी गद्दी पर हथिया ली.

अपने आतंक के लिए अभियान शुरू कर दिया, कहते हैं कि उसने चंगेज खां की ही तरह अपनी सेना तैयार की उसकी ही तरह क्रूरता दिखानी शुरू की. 1380 और 1387 के बीच तैमूर ने खुरासान, सीस्तान, अफगानिस्तान, फारस, अजरबैजान और कुर्दीस्तान आदि पर आक्रमण कर उन्हें अपना गुलाम बना लिया. 1393 में उसने बगदाद को लेकर मेसोपोटामिया पर अपना शासन कायम किया.

1398 की शुरुआत में तैमूर ने पीर मोहम्‍मद जो कि उसका पोता था उसके साथ भारत पर हमले की तैयारी की. उसने इसके लिए मुल्‍तान में अपना ठिकाना बनाया और छह माह बाद मुल्‍तान पर भी कब्‍जा कर लिया. अप्रैल 1398 में वह भारत की ओर बढ़ा और सिंधु, झेलम तथा रावी नदी को पार कर भारत आया.

By: Neha Kamal on Friday, November 10th, 2017