सावधान : भूलकर भी रविवार को न करें ये काम, वरना भुगतना पड़ेगा बुरा अंजाम !

पीपल के वृक्ष को पानी न दे रविवार को, भूलकर भी मत करना ऐसे

पीपल का पेड़ एक ऐसा पेड़ है जिसको एक पवित्र देव के वृक्ष के रूप में माना गया है जिसमें सभी देवताओं के साथ ही पितरों का भी वास रहता है यदि हम शास्त्रों के अनुसार इस वृक्ष को देखे तो पीपल के मूल भाग में ब्रह्मा जी मध्य भाग में विष्णु जी तथा अग्र भाग में भगवान शिव जी का साक्षात रूप से विराजित  हैI

Image result for पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाना

बता दें कि वैज्ञानिकों के अनुसार पीपल का पेड़ केवल एकमात्र ऐसा वृक्ष है जो कभी कार्बन डाइऑक्साइड नहीं छोड़ता है यह एक ऐसा वृक्ष है जो रात-दिन 24 घंटे ऑक्सीजन ही छोड़ता है इन्हीं कारणों से इसको मानव उपकारी वृक्ष भी कहा जाता है पीपल के पेड़ का सिंचन पूजन और परिक्रमा करने से जहां जीवो की सभी मन की इच्छाएं पूरी होती है और दूसरी तरफ से शत्रुओं भी समाप्त होते है।

Image result for पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाना

पीपल का वृक्ष सुख संपत्ति धन धान्य संतान सुख सौभाग्य और ऐश्वर्य प्रदान करने वाला माना गया है यदि हम इसकी पूजा करे तो हमारे ग्रह पीड़ा पितृदोष कालसर्प योग विष योग तथा अन्य सभी प्रकार के ग्रहों से उत्पन्न दोषों का निवारण होता है शास्त्रों के अनुसार ऐसा बताया गया है कि रविवार को पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाना उचित नहीं है यदि रविवार को पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाया जाए तो शास्त्रों में ऐसा बताया गया है कि दरिद्रता प्राप्त होती है। और भी आपको कई प्रकार की हानियों का आपको सामना करना पड सकता है I

Image result for पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाना

आपको बता दें कि पीपल के वृक्ष को कभी भी काटना नहीं चाहिए ऐसा किया जाए तो इससे पितरों को बहुत कष्ट मिलते हैं और इसके साथ ही वंशवृद्धि की हानि भी होती है किसी विशेष प्रयोजन से विधिवत नियमानुसार पूजा करने तथा यज्ञ आदि पवित्र कार्यों के लिए यदि पीपल की लकड़ी को काटा जाए तो इससे कोई दोष नहीं लगता है। शास्त्रों के बताये गए रास्तों पर चलोगे तो आपको हानि नही होगी I