पिता की मौत पर शोक के बजाए बेटियों ने किया डांस, जानें क्या है पूरा मामला?

पिता की मौत पर शोक नहीं, बेटियों ने किया जमकर डांस…

दोस्तों आपको तो पता है कि माँ- बाप का हमारे जीवन में बहुत महत्व होता है. लेकिन आज हम आपके लिए एक ऐसी वीडियो लेकर आये हैं जिसे देखकर आप हैरत में पड़ जाओगे. आप सोचने पर मजबूर हो जाओगे कि आखिर ये हो क्या रहा है ? आखिर ऐसा भी होता है क्या ? आपको तो पता ही है कि मौत पर शोक तो सभी मनाते हैं लेकिन मौत पर डांस की खबर आपने शायद पहली बार सुनी होगी.

दरअसल अगर किसी के घर में अगर कोई मृत्‍यु हो जाती है तो सभी लोग शोक मनाते हैं, लेकिन मौत पर डांस की खबर आपने शायद ही पहले सुनी हो नोएडा की चार बेटियों ने अपने पिता की मौत पर एक अनोखी मिसाल पेश की है. जी हां, भले ही आपको विश्वास न हो, लेकिन यही सच है. ऐसा भी नहीं है कि ये बेटियां अपने पिता की कुकृत्य से नाराज रही हों, बल्कि ये बेटियां अपने पिता से बेइंतहा प्यार करती थी.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये सब उन्होंने सिर्फ अपने पिती की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए किया है. इन बेटियों ने पिता की मौत पर रोने के बजाए डांस किया. पान सेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिभाई लालवानी को गुरुवार रात ब्रेन स्ट्रोक हुआ. शुक्रवार को उनका निधन हो गया. हरिभाई लालवानी ‘गुटखा किंग’ के नाम से मशहूर थे. अपनी मौत से पहले उन्होंने अपनी बेटियों के सामने एक इच्छा रखी थी.

अधिक जानकारी के लिए देखें नीचे दी गई वीडियो. अगर किसी वजह से वीडियो न चले तो वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करें !

गौरतलब है कि उन्होंने कहा था कि उनकी मौत को मातम के बजाए किसी बड़े उत्सव की तरह मनाया जाए और शव यात्रा भी धूमधाम से निकाली जाए. हरिभाई लालवानी की बेटियों ने अपने पिता की इच्छा को पूरा किया और उनकी शवयात्रा को बड़ी धूमधाम से निकाला. बेटियों ने बैंड बाजे का इंतजाम किया और शवयात्रा के दौरान डांस भी किया. चारों बेटियों ने अपने पिता के शव को कंधा दिया और एक बेटी ने उन्हें मुखाग्नि भी दी.

हालांकि प्रिंस गुटखा के मालिक रहे लालवानी वर्ष 1990 के दशक में नोएडा एन्टरप्रेन्योर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बने थे. हरिभाई लालवानी ने साल 1990 में दिल्ली में छोटी सी पान की दुकान से अपना सफर शुरू किया था. ये सफर इतना लंबा और सफल रहा कि उन्हें गुटखा किंग का किताब भी मिल गया.