नर्मदा परिक्रमा के बहाने दिग्गी तैयार कर रहे 110 गांवों का डाटा, भाजपा चिंता में

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इन दिनों नर्मदा परिक्रमा पर है। उनकी इस गैर सियासी यात्रा ने मध्यप्रदेश भाजपा को गहरी चिंता में डाल रखा है। दिग्गी की 3300 किमी की ये परिक्रमा यात्रा बरमान घाट पर पूरी होगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि यात्रा पूरी होने के बाद वे कोई बड़ा धमाका कर सकते हैं।

भाजपा के लिए चिंता का विषय ये है कि यह यात्रा मध्यप्रदेश के 110 और गुजरात के 20 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजर रही है। यात्रा को सौ दिन हो चुके हैं। सूत्र बता रहे हैं कि दिग्गी की इस यात्रा को नर्मदा किनारे के गांव हाथो-हाथ ले रहे हैं। यात्रा के दौरान दिग्गी ने मीडिया को पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया है और अपनी पार्टी के नेताओं को भी यात्रा से दूर रखा। बताया जा रहा है कि यात्रा पूरी होने से पूर्व दिग्गी इस विषय में सार्वजानिक रूप से बोलने में बच रहे हैं।पिछले वर्ष सितंबर में दिग्विजय सिंह ने अपनी पत्नी को साथ लेकर ये यात्रा शुरू की थी।
राजा के मन में क्या है
दिग्गी राजा की इस परिक्रमा में जहां एक ओर ऊंचे-नीचे पथरीले रास्ते, ऊबड़ खाबड़ मेड़ जैसी गलियां, कंटीली झाड़ियों के बीच से गुजरना और नदी-नालों को पार करते हुए चलना रोज़ के सफर का हिस्सा हैं तो वहीं राजनैतिक गलियारों में रोज पक्ष-विपक्ष के नेताओं का गणित लगाना कि आखिर राजा के मन में चल क्या रहा है, नर्मदा परिक्रमा की खबरों को रुचिकर बना देता है। असल मे लोग कयास इसीलिए भी लगा रहे हैं कि दिग्विजय सिंह जी जैसे दिग्गज नेता पार्ट टाइम पॉलिटिशियन नही है, वे फुल टाइम 24 घंटे राजनीती में रमे रहने वाले मंझे खिलाड़ी हैं।


प्रोफेसर भी चल रहे साथ
दिग्गी की परिक्रमा यात्रा को ग्रामीणों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। बताया जा रहा है कि दिग्गी रास्ते में मिलने वाले हर ग्रामीण से बात करते हैं। उनसे समस्याओं के बारे में पूछते हैं। सूत्रों के मुताबिक दिग्गी के दल के साथ कुछ प्रोफेसरों का दल भी साथ चल रहा है जो सारी जानकारियों को एकत्र कर एक डाटा बेस तैयार कर रहा है। अनुमान है कि जब तक दिग्गी की यात्रा पूर्ण होगी, प्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज जाएगा। इसके बाद दिग्गी प्रदेश सरकार के खिलाफ बड़ा धमाका कर सकते हैं।