दलाई लामा ने लगाई चीन को दहाड़, बोले- डोकलाम को भूल जाए.. शांत रहेगा तो बचा रहेगा !

तिब्बतियों के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने बुधवार को कहा कि हिन्दी-चीनी भाई भाई की भावना ही इन दो बड़े देशों के बीच विवाद हल करने का जरिया है, भारत-चीन को एक-दूसरे के पड़ोस में ही रहना है !

चीन और भारत में प्सिहले २ महीने से डोकलाम को लेकर विवाद बना हुआ है  चीन ने भारत से कहा है कि वह इलाके से अपने सैनिकों को तुरंत वापस बुलाए, लेकिन भारत ने इससे इनकार कर दिया है. दलाई लामा ने कहा, “डोकलाम विवाद कोई सीरियस मुद्दा नहीं है, पर दोनों देशों को एक दूसरे के पड़ोस में ही रहना है, अगर इस मुद्दे पर गलत प्रोपेगैंडा से बात बिगड़ सकती है”.

इसके साथ ही दलाई लामा ने ये भी कहा है कि चीनी लोगों की इच्छा के मुताबिक कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना हमारे लोकतंत्र का अनुसरण कर सकती है. हमारी छोटी तिब्बत कम्युनिटी पूरी तरह से लोकतंत्र में यकीन करती है और मैं भी लोकतंत्र का प्रशंसक हूं. 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली में एक प्रोग्राम में दलाई लामा ने कहा, “किसी भी देश के लोग ही उसके असली शासक होते हैं और एक आजाद मीडिया ही लोगों को सच्चाई बता सकता है, उन्हें शिक्षित कर सकता है. जिस देश में आजादी है, वहां हम ज्यादा योगदान दे सकते हैं क्योंकि वहां ज्यादा मौके मिलते हैं, जहां आजादी नहीं है, वहां मैं जाना पसंद नहीं करूंगा”.

इसके अलावा चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने मंगलवार को अपने एडीटोरियल में कहा था. भारत 1962 की जंग का सबक भूल गया है, नेहरू ने हमें कमतर आंका था, मोदी भी हमारी वॉर्निंग को नजरअंदाज ना करें. अगर भारत डोकलाम विवाद पर चेतावनी को इसी तरह नजरअंदाज करता रहा तो बीजिंग जरूरी जवाबी कदम उठाएगा.

 

By: Thakur Mintu on Thursday, August 10th, 2017