कोर्ट ने दिया बड़ा झटका मुस्लिम लड़कियों को सभी धर्म के लड़कों के साथ करना पड़ेगा ये काम !

एक बेहद बड़ी ख़बर यूरोपीयन कोर्ट और स्वीटज़रलैंड से आ रही है। मालूम हो कि तुर्की के मूल वाशिंदे लेकिन अभी स्वीटज़रलैंड में रहने वाले दो मुस्लिम कट्टरपंथि परिवारों और स्वीटज़रलैंड की सरकार के बीच एक केस चल रहा था जिसमें मुस्लिम कट्टरपंथी ये चाहते थे कि मुस्लिम लड़कियाँ तैराकी तो सीखें पर वहाँ पर ओर कोई भी ना हो , ना यूरोप के लड़के हों क्यूँकि मुस्लिम युवतियाँ या लड़कियाँ लड़कों के साथ स्वीमिंग नहीं करेंगी , दूसरी तरफ़ स्वीटज़रलैंड सरकार का कहना था इसमें मुस्लिम, ईसाई या किसी धर्म की बात नहीं है जो नियम है वो सब पर लागू होगा और ये देश का नियम है।

जज ने फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि एक साथ स्वीमिंग करने से किसी का कोई धर्म वायलेशन नहीं होता , जिन लड़कियों को लेकर ये बात की जा रही थी वे अभी छोटी हैं और सबसे बड़ी बात ये है कि इस मामले में स्कूल प्रशासन की ना मानने और हल्ला करने वाले कट्टरपंथी माता पिता को कोर्ट ने € 1,300 यानी लगभग 85 हज़ार का जुर्माना भी लगाया है ।

ये भी बता दें कि ये केस आज से नहीं बल्कि 2010 से चल रहा था जिसका फ़ैसला अब आया है। यानी कि भारत ही की तरह दूसरे देशों में केस ऐसे ही लटकाए जाते हैं लेकिन ये कोई सही व्यवस्था नहीं है । कोर्ट ने कहा स्वीटज़रलैंड अपनी तरह से कोई भी रूल बनाने के लिए स्वतंत्र है और कोई विदेशी नागरिक यहाँ के सिस्टम में आकर दख़ल नहीं कर सकता।

बच्चों की शिक्षा के समय जहाँ वे रहते हैं उस समाज के हिसाब से उनकी सांस्कृतिक शिक्षा का भी ख़याल रखा जाता है और आने वाले समय में वो सबके साथ एक जैसा व्यवहार करें इसलिए किसी भी मजहब को अलग तरीक़े से नहीं देखा जाना चाहिए ।