योगी सरकार ने बदला देश का सबसे बड़ा नियम, देश का कोई सीएम जो न कर सका वो कर दिखाया CM योगी ने….

CM योगी एक बार फिर ACTION में, लिया ऐसा जबरदस्त फैसला जो कोई और नहीं ले पाया..

जहाँ एक ओर प्रधानमंत्री मोदी निरंतर देश को आगे बढ़ाने में लगे है वहीँ दूसरी ओर मोदी के नक़्शे कदम पर चलते हुए यूपी के CM योगी हर दिन उत्तर प्रदेश में बदलाव ला रहें है. जब से योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने है तभी से इस राज्य के अच्छे दिन शुरू हो गए थे. गुंडागर्दी का सफाया होने के साथ-साथ राज्य का विकास दर भी पहले से ज्यादा बढ़ गया है. हाल में CM योगी ने जो फैसला लिया है उसे सुनकर विपक्ष के रोंगटे खड़े हो जाएंगे.

मौजूदा खबर अनुसार बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सार्वजनिक स्थानों पर लगे स्थायी लाउडस्पीकरों के बारे में आज विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं. प्रमुख सचिव अरविंद कुमार ने बताया कि ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन करने के संबंध में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने इस संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं.

गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने बीते 20 दिसंबर को राज्य में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण में नाकामी को लेकर कड़ी नाराजगी जताई थी और राज्य सरकार से पूछा था कि क्या प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों, मस्जिदों, मंदिरों, गुरुद्वारों या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगे लाउडस्पीकर संबंधित अधिकारियों से इजाजत लेने के बाद लगाये गए हैं. इसके बाद योगी सरकार ने वो कर दिखाया जो कोई सरकार सपने में भी नहीं सोच सकती है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार ने 10 पृष्ठ का लाउडस्पीकर के सर्वेक्षण का प्रोफार्मा जारी किया है. इसमें स्थायी रूप से लाउडस्पीकर लगाने की इजाजत लेने का फॉर्म और जिन लोगों ने लाउडस्पीकर लगाने की इजाजत नहीं ली है, उनके खिलाफ की गयी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी देने को कहा गया है. योगी सरकार के इस फैसले से न केवल नीतीश सरकार बल्कि देश के अलग-अलग राज्य की सरकारों के भी होश उड़ गए है.

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बताते चलें कि ध्वनि प्रदूषण नियमन एवं नियंत्रण नियम, 2000 में यह प्रावधान है कि ऑडिटोरियम, कांफ्रेंस रूम, कम्यूनिटी हॉल जैसे बंद स्थानों को छोड़कर रात 10 बजे से प्रातः छह बजे तक लाउडस्पीकरों का प्रयोग नहीं किया जायेगा. राज्य सरकार को यह छूट है कि वह एक कैलेन्डर वर्ष में अधिकतम 15 दिनों के लिए सांस्कृतिक या धार्मिक अवसरों पर रात 10 बजे से रात 12 बजे के बीच ध्वनि प्रदूषण कम करने की शर्तों के साथ लाउडस्पीकर बजाने की छूट दे सकती है.