क्या BSP की मान्यता हो सकती है रद्द ? मायावती पर टुटा मुसीबतों का पहाड़ !!

उत्तर प्रदेश में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे है. ऐसे में सभी दल पूरी तैयारी में जुटे हुए हैं. सभी दलों ने कमर कस ली है लेकिन मायावती मुसीबतों के घेरे में घिरी हुई है. बसपा सुप्रीमो मायावती के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई है. इस याचिका में मायावती के खिलाफ धर्म व जाति के आधार पर वोट मांगने के गंभीर आरोप लगे है. यह शिकायत मायावती के लिए मुसीबत बन सकती है. आपको बता दे कि मायावती के खिलाफ ये याचिका बीजेपी के प्रदेश कार्यकारणी के सदस्य नीरज शंकर सक्सेना ने दर्ज कराई है .

नीरज शंकर सक्सेना का दावा है कि 3 जनवरी को बसपा ने एक प्रेस कांफ्रेंस में जाति व धर्म के आधार पर प्रत्याशियों को टिकट देने की घोषणा की थी. बसपा का ये बयान सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करता है जिसके कारण बसपा पर कार्यवाई की जायेगी. इतना ही नहीं मायावती ने बसपा की एक बुकलेट जारी की है. इस बुकलेट में लिखा है कि मुसलमानों की असली हितैषी सिर्फ उनकी पार्टी है. आने वाले चुनावों में सभी मुसलमान बसपा को ही अपना कीमती वोट दे.

इससे साफ़ जाहिर होता है कि मायावती ऐसे बयान से मुस्लिम वोटबैंक को अपनी तरफ खींचना चाहती है जो की सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करना है. मायावती का ये बयान जनप्रतिनिधि अधिनियम एक्ट के प्रावधान 125 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है. नीरज शंकर सक्सेना ने शिकायत दर्ज कराने के साथ साथ बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता को भी रद्द करने की मांग की हैं.

बसपा ने इस बार अपनी पार्टी में  87 दलितों, 97 मुसलमानों तथा 106 अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को चुनाव की टिकट दी है. इसके अलावा बाकी 113 सीटों पर अगड़ी जातियों को टिकट दिए गए हैं. इनमें ब्राहमणों को 66, क्षत्रियों को 36, कायस्थ, वैश्य और सिख बिरादरी के 11 लोग शामिल हैं.

By: Staff Writer on Tuesday, January 10th, 2017