ब्रेकिंग : सुप्रीम कोर्ट ने कट्टरपंथी ओवैसी, जातिवादी मायावती और कांग्रेस को एक साथ दिया बड़ा झटका

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक बेहद एेतिहासिक फैसला लेते हुए कहा है कि धर्म के नाम पर वोट मांगना गैरकानूनी होगा। हालाँकि 7 जजों की सविधांन पीठ ने यह फैसला हिंदुत्व से जुड़े एक केस की सुनवाई के दौरान लिया है। लेकिन अब इस फ़ैसले का सबसे ज़्यादा नुक़सान मोदी विरोधी लोगों को होगा। फैसले में कहा गया कि कोई भी प्रत्याशी या उसके समर्थक धर्म, जाती, समुदाय और भाषा के नाम पर वोट मांगते हैं तो यह गैरकानूनी होगा ।

बता दें कि ख़ुद को सेक्युलर कहने वाली पार्टियाँ ही सबसे ज़्यादा साम्प्रदायिक और जातिगत आधार पर वोट माँगती हैं , मायावती के हर भाषण में दलित दलित और मुस्लिम मुस्लिम शब्द ही भरा रहता है , कांग्रेस का तो काम ही लोगों को हिंदू लोगों जाती में बाँटना और मुस्लिमों का तुष्टिकारन करना रहा है , समाजवादी पार्टी ने सदा से यादव और मुस्लिम कॉर्ड खेले हैं  , केजरीवाल की आप से ज़्यादा जातिवादी राजनीति और मुस्लिमों के तलवे चाटु राजनीति शायद ही कोई करता हो । बाक़ियों का भी यही हाल है ।

लेकिन इस फ़ैसले का सबसे बड़ा फ़ायदा भाजपा को होने वाला है , हम ये नहीं कहते कि भाजपा के सभी नेता दूध के धुले हुए हैं और वे जातिवाद या धर्म आधरित राजनीति नहीं करते लेकिन आप जब कभी भी देश के सबसे लोकप्रिय नेता और देश के PM मोदी जी को सुनेंगे तो वे सबका साथ सबका विकास की बात करते हैं ।

मोदी जी हमेशा एक ही बात कहते हैं कि मेरे देश के 125 करोड़ भाइयों और बहनों । वे कभी विशेष जाति या विशेष धर्म को लेकर बात नहीं करते और देश की भलाई भी इसी में है कि इन जातिवादी नेताओं ( लालू प्रसाद , मुलायम आर अखिलेश , मायावती ) की दुकान बंद हो और साम्प्रदायिक नेता जैसे ओवैसी , केजरीवाल, कांग्रेस और कुछ भाजपा वालों को भी सबक़ मिले ।