अभी-अभी : डोकलाम विवाद के बीच,मोदी सरकार की अमेरिका के साथ बड़ी डील,चीन में हडकंप पाक सन्न !

भारत की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला !

भारतीय सेना कितनी बलशाली है ये तो रोज़ पाकिस्तान और चीन देख ही रहे है. पाकिस्तान से हो रही आतंकवादी घुसपैठ  हो या फिर चीन की तरफ से डोकलाम विवाद, भारतीय सेना दोनों को एक साथ मुँह-तोड़ जवाब देने में कारगर है.अब भारत की मोदी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय सेना की मजबूती के लिए इस डील को हरी झंडी दे दी है !

रक्षा मंत्रालय की सबसे ऊपरी निर्णायक संस्था डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने इस खरीद परियोजना को मंजूदी दी है. इस पर करीब 4168 करोड़ रुपये खर्च होंगे.चीन-पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब   देने के   लिए   अब अमेरिका से सबसे खतरनाक लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की खेफ भारत आएगी.जब भारत अमेरिका की इस सौदे पर बात चल ही रही तभी चीन और पाक इससे परेशान थे लेकिन अब जब ये ताकत भारत को मिलने जा रही है उससे इन दोनों देशों के होश उड़ना तय है.

भारतीय रक्षा मंत्रालय ने आज, गुरुवार को अमेरिका से छह विशालकाय बोइंग AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर की खरीद को मंजूरी दे दी है. यह खरीद पहले खरीदे जा चुके 22 हेलीकॉप्टर खरीद से अलग होगी.सितंबर 2015 में रक्षा मंत्रालय ने 2.2 अरब डॉलर की 22 अपाचे हेलीकॉप्टर की पहली खेप की खरीद योजना को मंजूरी दी थी. वायु सेना की योजना इस अटैकर हेलीकॉप्टर की तैनाती पाकिस्तान और चीन सीमा पर करने की है।

मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील पंजाब के पठानकोट एयरबेस और असम के जोरहट में अपाचे को तैनात किए जाने की योजना है.अब चीन को अच्छे से समझ आ गया होगा की भारत की मोदी सरकार को हलके में लेकर उसने बड़ी गलती कर दी.पहले चीन सीमा पर मिसाइल तैनात की अब ये अपाचे और साथ ही चीन की नाक के निचे भारत के 73 रोड ये सब चीन की नींद खराब करने के लिए काफी है.

सूत्रों के मुताबिक, बीते 10 महीने में हुए रक्षा सौदों को पूरा होने में दो साल का समय लगेगा. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सेना, नौसेना और वायुसेना मौजूदा समय में जरूरत पड़ने पर किसी दुश्मन से प्रभावी तरीके से लड़ नहीं सकती है. भारतीय सेना पाकिस्तान के साथ 778 किलोमीटर लंबे लाइन ऑफ कंट्रोल और चीन के साथ 4 हजार 57 किलोमीटर लंबे LAC पर हर वक्त पूरी तैयारी के साथ तैनात रहेगी.

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विदेशों से जल्द मिलेंगे आधुनिक हथियार, हो चुके है बड़े सौदे !!

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आपको बता दें कि सेना को रूस और इजरायल की तरफ से साल 2019 की पहली तिमाही में रॉकेट, ऐंटी टैंक गाइडेड मिसाइल और अन्य कई महत्वपूर्ण उच्च गुणवत्ता वाले हथियार मिलेंगे. इसके साथ ही भारतीय वायुसेना को 2019 से 2022 के बीच में फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान मिलेंगे, जिसका समझौता बीते साल सितंबर में हुआ था. मार्च से जुलाई 2019 में 22 अपाचे और 15 चिनूक हेलिकॉप्टर अमेरिका से मिलेंगे. इसके लिए 22 हजार करोड़ रुपये का समझौता हुआ था. बता दें कि 145 एम-777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर विमान भी मार्च 2019 से जून 2021 तक भारतीय वायुसेना में शामिल होंगे जो LAC जैसे इलाकों में ऊंचाइयों पर भी आराम से उड़ान भरने में सक्षम हैं.

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बताते चलें कि भारतीय सेना हर मुश्किल को बेहद आराम से हाल कर सकती है क्योंकि उनके होंसले बुलंद है और साथ ही भारत के शेर नरेंद्र मोदी का साथ है जो किसी भी देश को पल भर में चित्त कर सकते है. सेना और मोदी जी का तालमेल दुश्मनों के होश उड़ा देता है !