UP में गैर कानूनी मदरसों पर लटकेगा ताला पहली बार किसी सरकार ने दिखाया दम !!

योगी सरकार ने गैर कानूनी दीनी मदरसों को बंद करने का दिया नोटिस !!

योगी सरकार ने गैर कानूनी दीनी मदरसों को बंद करने का दिया नोटिस..

भारत के प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जहाँ एक और पूरा देश उन्नति के पथ पर आगे बढ़ता जा रहा है वहीँ उन्ही के नक़्शे कदमों पर चलते हुए उत्तर प्रदेश के CM योगी ने भी ठान ली है कि वो भी अब यूपी में बढते भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी को जड़ से उखाड़ फैकेंगे, इसीलिए योगी सरकार ने अब एक बहुत बड़ा कदम उठाया है जिसके तहत गैर क़ानूनी तरीके से चलाए जा रहे मदरसों को अब बंद किया जाएगा क्योंकि यूपी में ऐसे मदरसें ही कट्टरपंथियों को पनपने की जगह देतें है और देश में हिंसा भड़काने का काम करते है.

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मौजूदा खबर अनुसार उत्तर प्रदेश में आरटीई एक्ट 2009 का हवाला देकर सरकारी विभाग की ओर से दीनी मदरसों को तुरंत बंद करने का नोटिस दिया जा रहा है. यह मामला तब सामने आया जब कुछ मदरसों के ज़िम्मेदारों ने जमीअत उलमा ऐ हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी से संपर्क करके सहयोग की गुहार लगाई. बताया जा रहा है कि एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि जमीअत उलेमा ए हिंद के हेड ऑफिस को नोटिस की कुछ प्रतियां प्राप्त हुई, जिनके अनुसार यह मामला बाराबंकी जिले का है.

बता दें कि बाराबंकी जिले के मदरसे हफ्सा लिलबनात ननदोरा और मदरसा सिराज उलूम कतोरी कलां के ज़िम्मेदारों को ब्लाक एजुकेशनल अधिकारी ने आरटीई एक्ट अध्याय 4 की धारा 19-1 का हवाला देकर आदेश दिया है कि त्वरित रूप से अपनी शिक्षण केन्द्रों को बंद करें और इसकी जानकारी ब्लोक अधिकारी संदीप कुमार वर्मा को दें. सरकारी विभाग द्वारा जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि अगर कोई गैर मान्यता प्राप्त संस्थान चलाता है तो उसे एक लाख रुपये तक का जुर्माना देना होगा. इतना ही नहीं इसके अलावा कानून उल्लंघन के मामले में दस हजार रोजाना के तौर पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है.

मौलाना मदनी ने इस मामले को बताया सरकार की साजिश !!

Image result for योगी सरकार ने कई मदरसों को बंद करने का दिया नोटिस, मदनी बोले- साजिश के तहत ऐसा किया गया

बताते चलें कि जमीअत उलेमा ए हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने इस मामले पर कड़ी चिंता जताते हुए कहा कि आरटीई संशोधन अधिनियम निर्देश 2012 के बावजूद मदरसों को यह नोटिस जारी किया जाना मिल्लते इस्लामिया को महज चिन्ता में डालने की साजिश है. आरटीई एमडमेंट एक्ट 2012 के धारा 1 खंड 5 में साफ लिखा है कि इस कानून की कोई बात मदरसों, वैदिक पाठशालाओं और मूल रूप से धार्मिक शिक्षा मुहैया कराने वाले शैक्षिक संस्थानों पर लागू नहीं होगी. जमीअत इसे सफल नहीं होने देगी इसलिए धार्मिक संस्थानों को परेशान करने की कोशिश का हर स्तर पर मुक़ाबला किया जाएगा.