“जन्नत” के सवाल को सुनकर हमेशा हमेशा के लिए भाग गए मौजाबाद के ये मौलाना साहिब !!

आपको एक घटना के बारे में बताते हैं जिसे सुनकर आपको पता चलेगा कि कट्टरपंथियों की सोच कहा तक सीमित होती है। एक कार्यक्रम के दौरान एक कट्टरपंथी मौलाना के पास एक अशोक नाम का हिंदू व्यक्ति पहुंचा ।अशोक ने कहा मौलाना साहिब मेरे कुछ सवाल है अगर आप इनके जवाब दोगे तो मैं इस्लाम धर्म गरहण कर लूँगा। मौलाना ने सोचा अच्छा है हिंदू बकरा ख़ुद फँसने आया है।

तो मौजाबाद के मौलाना करीम देवबंदी ने कहा मैं सभी के सारे सवालों का सटीक उत्तर दूंगा ।  लेकिन जब अशोक ने अपना सवाल मौलाना से पूछा तो मौलाना नौ दो गयारह हो गया उससे जवाब देते ही ना बने। अब आप सोच रहे होंगे अशोक ने ऐसा क्या सवाल पूछ लिया की मौजाबाद का मौलाना करीम देवबंदी भाग ही गया । अब हम आपको इन दोनों के बीच की वार्तालाप बताते है फिर आप समझ जायेंगे ।

अशोक ने मौलाना से पूछा –  मौलाना साहब जन्नत कौन जाएगा?

मौलाना : बेशक केवल और केवल मुसलमान ही जन्नत जायेंगे.

अशोक: लेकिन मौलाना साहब ये तो बताएँ कि कौन से मुसलमान सुन्नी, मुकल्लिद या गैर मुकल्लिद ??

मौलाना: बेशक मुकल्लिद, सुन्नी ही जन्नत जायेंगे, अशोक भाई जान और कोई नहीं जाएगा बाक़ी सब तो काफ़िर हैं ।

अशोक: फिर परेशानी हो गयी जी मुकल्लिद तो चार है उनमे से कौन जायेंगे?

मौलाना: हनीफ़ ही जाएँगे ओर कौन ?

अशोक: मौलाना साहब आपका बहुत बहुत शुक्रिया आपने सवालों के जवाब दे दिए , लेकिन मौलाना साहब देवबंदी में तो हयाती और ममाती दोनों हैं, इन दोनों में से कौन जन्नत जाएगा ?

मौलाना साहिब ने सोचा भी नहीं था कि कोई हिंदू होकर इतना सब जानता है इसलिए सवाल सुनते ही मौलाना साहिब ने कहा – अशोक मियाँ मुझे थोड़ा काम है ज़रा बाद में बात करते हैं और फिर ऐसे सरपट भागा की लौट के आने का नाम ही नहीं लिया । इस सवाल को सुनकर उन मौलाना साहिब की बोलती बंद हो गयी और ना आंव देखा ना तांव बस दबे पाँव निकल लिए  और ऐसे निकले की लौट कर ही नहीं आए ।ये सच्ची घटना उन लोगों के लिए सबक़ है जो हिंदू धर्म में जाती की बात करते हैं और ये कहते हैं कि मुस्लिमों में जाती नहीं होती ।

हालाँकि हम हर प्रकार की जाति व्यवस्था और ऊँच नीच के ख़िलाफ़ है , पर इस लेख के माध्यम से सार्वजनिक तौर पर चल रहे एक झूठ का हमने भांडा फोड़ किया है ।