आर्मी को मिलीं स्वदेसी ‘धनुष’ बोफोर्स तोप से ज्यादा है फायरिंग रेंज पाक चीन में मचा हड़कंप।

भारतीय सेना को एक ऐसी ताकत मिली है जिससे सबसे जादा खलबली पाकिस्तान में मची है और इसका सबसे बड़ा कारण है कारगिल युद्द में जिस बेफोर्स तोप ने पाकिस्तान को उसकी औकात दिखाई थी ये धनुष उससे जादा शक्तिशाली है। पूरी तरह से देश में ही बनी तोप धनुष को आर्मी में शामिल हो गई। जबलपुर गन कैरेज फैक्ट्री ने 155 एमएम की तीन तोपों को आर्मी को सौंपा है। धनुष तोप से जुडी कुछ अहम बातें :

-लगभग पिछले तीन साल से धनुष तोपों का ट्रायल किया जा रहा था।
– बॉर्डर एरिया और अलग-अलग हालात, किसी भी मौसम में फायरिंग के दौरान तोप से 2 हजार से ज्यादा गोले दागे गए।
– सियाचिन जैसे ठंडे इलाकों के बाद राजस्थान के गर्म मरुस्थली इलाकों में धनुष का दो-दो बार कामयाब ट्रायल किया जा चुका है।
– हाल ही में धनुष ने बालासोर और पोखरण में भी बॉर्डर एरिया में भी धनुष ने शानदार प्रदर्शन किया।
– सेना के आर्टलरी डिवीजन ने रेग्युलर यूज के लिए 6 तोपें जीसीएफ से मांगी थीं। जिनमें से तीन तोप और सौंप दी गई हैं।

भारतीय सेना ने दिया है 200 तोपों का ऑर्डर
– भारतीय सेना ने कुल 200 धनुष तोपों का ऑर्डर दिया है। पहले फेज में 114 तोप तैयार की जा रही हैं।
– इसके पहले सेना ने 6 तोप मांगी थी, लेकिन पहले ट्रायल के लिए उसे 3 तोप ही सौंपी गई थी।
– सेना ने ट्रायल के दौरान तोप से अलग-अलग हालात में 2 हजार से ज्‍यादा फायर किए गए, जो कामयाब रहे।
– कारगिल युद्द में पाकिस्तान की नीद हराम करने वाली बोफोर्स तोप को भारत ने स्वीडन से खरीदा था।
– बता दें कि 1990 के बाद इंडियन आर्मी में कोई तोप शामिल नहीं किया गया है।

पूरी तरह से ऑटोमेटिक है धनुष
– 45 कैलीबर की 155 मिलीमीटर और ऑटोमेटिक ‘धनुष’ बोफोर्स तोप की टेक्नीक पर बेस है।
– तोप को जल्द ही आर्मी की सभी 12 कमांडो को सौंपा जाएगा।
– तोप का बैरल कानपुर जीसीएफ में तैयार किया है।
– धनुष तोप की सबसे बड़ी खासियत है यह ऑटोमेटिक सिस्टम से खुद ही गोला लोड कर फायर कर देती है।
– लगातार कई घंटों के फायरिंग के बाद भी इसका बैरल गर्म नहीं होता।भारतीय सेना अब और भी शक्तिशाली हो चुकी है जिस कारण चीन और पाकिस्तान का घबराना लाजमी है पाक मीडिया में तो इस खबर के बाद से ही डिबेट पाए डिबेट की जा रही है।

By: Hindu yodha on Monday, February 6th, 2017

Loading...