धरती पर दुनियाँ का अनोखा मंदिर, जहाँ गर्मी शुरू होते ही अलग होने लगते हैं शिव-पार्वती !

भारत एक आस्थावान देश है इसके अन्दर रहने वाले लोग भगवान में बहुत आस्था रखते हैं. शायद यही कारण है की भारत में आज भी भगवान होने ही अनुभूति होती है. इसका एक उदहारण हम आपको बताने जा रहे हैं जिसे देखकर आप भी हैरान रह जाओगे और इस बात को मानने पर मजबूर हो जाओगे कि यहाँ आज भी भगवान मौजूद हैं. जी हाँ हम बात कर रहे हैं देवों की नगरी हिमाचल प्रदेश की . हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में पुरातन काल से बना एक शिव-पार्वती का अनोखा मंदिर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है .

हिमाचल के जिला कांगड़ा के काठगढ़ इंदौरा में बना यह अदभुत मंदिर एक बहुत बड़े चमत्कार को लेकर प्रसिद्ध है. जहाँ देखा जाता है की जैसी ही गर्मियों का मौसम शुरू होता है तो मंदिर के अंदर मोजूद शिव –पार्वती की मूर्तियों के बीच की दूरी अपने आप ही बढ़ने लगती है. जबकि कहा जाता है सर्दियों के मोसम में यह काफी क्लोज़ हो जाती हैं. ऐसा आपको सुनने में अजीब लग सकता है मगर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह किसी महान चमत्कार से कम नहीं. कहा जाता है 326 ई.पू . सिकंदर ने जब भारत पर आक्रम किया था तो वो जब इस मंदिर में पहुंचा तो यहाँ एक सन्यासी को पूजा करते देख काफी प्रभावित हुआ और उसने इस मंदिर के चारों और चारदिवारी का तथा चबूतरों का निर्माण करवाया जो आज भी देखा जा सकता है.

उसके पश्चात जब महाराजा रणजीत सिंह ने गददी संभाली तो उन्होंने रियासत का दौरा किया और इस दौरान जब वह काठगढ़ पहुंचे तो इस मंदिर के अनोखे किस्से से बहु प्रभावित हुए और उन्होंने यहाँ आदि शिवलिंग के लिए तुरंत मंदिर का निर्माण करवाया और पूजा अर्चना की फिर आगे बढ़े . स्थानीय लोगों की माने तो यहाँ ग्रह नक्षत्रों के अनुसार आदि शिवलिंगों का अकार अपने आप घटता बढता रहता है. तथा मौसम के अनुसार दोनों के बीच की दूरी भी घटती बढती देखी जा सकती है. सबसे बड़ी विशेष बात यह है की शिवरात्री के समय इन दोनों शिवलिंग का मिलन होता है. मान्यता है की त्रेता युग के समय भगवान् राम के छोटे भाई भरत जब अपने ननिहाल कश्मीर जाते थे ओ यहाँ से पूजा किये बिना आगे नहीं बढ़ते थे. तभी से हर वर्ष यहाँ पर शिवरात्री के समय तीन दिन का विशाल मेला लगता है. जिसमे भारी मात्रा में श्रद्धालु शामिल होकर अपने आपको निहाल पाते हैं. ऐसा माना जाता है कि अगर आप भी सच्चे मन से श्रद्धापूर्वक काठगढ़ के इस मंदिर में मन्नत मांगोगे तो आवश्य पूरी होगी .

By: rana sanjay on Monday, February 27th, 2017