आर्मी चीफ बोले- नहीं छोड़ेंगे देशद्रोहियों को , तो नरेंद्र मोदी सरकार ने भी दिया साथ कांग्रेस ने किया विरोध !!

आर्मी चीफ के आये बयान के बाद से एक दम भारतीय राजनीती में हलचल पैदा हो गयी है। जहाँ एकतरफ खुल के बीजेपी ने सेना अध्यक्ष के उस बयान का स्वागत किया है जिसमें उन्होंने कहा था कश्मीर में अब ISIS और पाकिस्तान के झंडे लहराने वालों को भी आंतकी ही समझा जायेगा उनको भी आंतकियों की तरह सजा दी जाएगी।

तो आपको हम बता दें अफजल प्रेमी गैंग ,दलाल मीडिया के पत्रकार और कांग्रेस पार्टी खुलके सेना अध्यक्ष के बयान के विरोध में खड़ी हो चुकी है। कांग्रेस ने सेना अध्यक्ष के बयान का विरोध करके अपना असली चरित्र एक बार फिर देश के सामने रख दिया है। अब फैसला देश को करना है कौन सी पार्टी देशभक्त है और कौन सी देशद्रोही।

बीजेपी सरकार के केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के उस बयान का स्वागत किया है जिसमें सेना प्रमुख ने कहा था कि जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान और आईएस का झंडा फहराने वालों को राष्ट्रद्रोही समझा जाएगा और उनके साथ सख्ती से निपटा जाएगा और उनके साथ वैसा ही वर्ताव होगा जो राष्ट्रद्रोहियों के साथ होता है। भले ही वो आज बच जाएं पर हम उन्हें कल पकड़ ही लेंगे। हमारा आपरेशन जारी रहेगा। सेना प्रमुख के बयान का स्वागत करते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा है कि उनका यह बयान आतंकवाद के खिलाफ केन्द्र की ‘जीरो टालरेंस’ नीति के अनुरुप है।


आगे उन्होंने बोलते हुए कहा कि सेना प्रमुख ने जो कुछ भी कहा है वह उन्होंने राष्टीय हित में बोला है। इसका गलत अर्थ लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है। सेना प्रमुख के बयान में कुछ गलत नहीं है अगर कोई इसका विरोध करता है तो वो बहुत ही मूर्खता भरा कदम होगा ।

किरण रिजिजू के अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने भी सेना प्रमुख के बयान का खुले दिल से समर्थन करते हुए कहा कि, ”सेना पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ देश की सेवा कर रही है। देशवासी चैन की नींद इसलिए सो पा रहे हैं क्योंकि सैनिक सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। उनका हम पर बड़ा कर्ज है। ऐसे में उन्हें स्वविवेक से अपने कर्तव्यों के निर्वहन की पूरी छूट होनी चाहिए। इसमें बाधा डालना सही नहीं है।”

लेकिन नितीश के नेता और कांग्रेस ने जिस तरह कश्मीरी जिहादियों का पक्ष लिया है वो बहुत ही दुर्भाग्य पूर्ण कदम है उसकी जितनी निंदा की जाये कम है। जो भी इन देशद्रोही पत्थर फेंकने वाले लोगों की वकालत करता है वो असल में इन पत्थरबाजों से भी बङा देश का गद्दार है