अखिलेश के इस मंत्री ने अफ़सर को उसकी बेटी के बारे में जो कहा उसे जानकार आपके होश उड़ जाएँगे

“ऐसा है अखिलेश सरकार का मंत्रिमंडल”

2012 में सत्ता संभालने के बाद से ही अखिलेश सरकार में कई बार प्रशासन को शर्मसार होना पड़ा . एजुकेशन मिनिस्टर जैसा पद संभालने वाले मंत्री भी गन्दी गालियां देते नजर आए .बता दें कि जुलाई 2016 में यूपी के चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह का एक ऐसा ही गाली बरसाता हुआ ऑडियो वायरल हुआ था . इसमें राधेश्याम कुशीनगर जिला पंचायत के मुख्य अधिकारी “उमेश पटेल” को उनके रिश्तेदार को कॉन्ट्रेक्ट न देने पर गन्दी-गन्दी गालियां दे रहे थे और हद तो तब हो गयी जब उन्होंने उस अधिकारी को उसकी बेटी के साथ रेप करवाने की धमकी तक दे दी . इस पर सीएम अखिलेश ने राधेश्याम को लखनऊ तबादला तो कर दिया लेकिन बर्खास्त नहीं किया .

आज हम आपको अखिलेश सरकार के ऐसे ही कुछ “गालीबाज मंत्रियों” के बारे में बता रहे है

1-राधेश्याम

कुशीनगर जिले की हाटा कंस्टीटुएंसी से सपा विधायक है . दरअसल इनके खिलाफ 5 क्रिमिनल केस दर्ज हैं . इन्होने 2014 में कुशीनगर से लोकसभा चुनाव लड़ा था लेकिन असफल रहे . विनोद सिंह को पंडित सिंह के नाम से भी जाना जाता है . इन्होने सेकंडरी एजुकेशन मिनिस्टर के पद पे रहते हुए मई 2015 में “गालीकांड” किया था . दरअसल आकाश नाम के एक युवक ने हिंदी अखबार में छपी विनोद कुमार की न्यूज को अपने फेसबुक अकाउंट पर शेयर किया . इस पर मंत्री जी ने आकाश पर जमकर गालियां बरसाई थीं . महज 2 मिनट की बातचीत में पंडित सिंह ने आकाश को 56 गालियां दी थीं और आकाश के पिता को भी धमकाया था .

2-विनोद सिंह

गौंडा कंस्टीटुएंसी से चुनाव जीता है विनोद सिंह 12वीं पास है और सपा के विधायक है . राइफल और पिस्टल रखना इनका शौक है .

3-राममूर्ति वर्मा

यह अंबेडकरनगर के अकबरपुर से सपा विधायक है इन्होंने बतौर कैबिनेट मिनिस्टर जून 2016 में अंबेडकरनगर के इब्राहिमपुर थाने पर तैनात “दरोगा संजय यति” को फोन पर धमकाया और भद्दी गालियां दी . उसके बाद पुलिसवाले का तुरंत ट्रांसफर कर दिया गया . दरोगा का कसूर यह था कि उसने मंत्रीजी की गालियां सुनने के बाद गुस्से में कहा तुम्हेजो करना है करो, ज्यादा से ज्यादा ट्रांसफर ही करोगे .

4-विजय बहादुर पाल

विजय बहादुर पाल नवंबर 2014 में ओरैया गांव के एक स्कूल में लैपटॉप डिस्ट्रिब्यूट करने गये . स्टूडेंट्स के बीच में इन्होंने अचानक इंदिरा गांधी के समय लगी इमरजेंसी के दौर की बातें शुरू कर दीं और अपनी स्पीच में अभद्र शब्दों का भी प्रयोग किया .

5-आजम खान

आजम खान रामपुर से सपा विधायक हैं . इनके मुलायम परिवार से पुराने संबंध हैं . बता दें कि इन पर दो बार दंगा भड़काने के आरोप लग चुके हैं . कंट्रोवर्शियल बयानों के लिए भी यह हमेशा सुर्ख़ियों में रहते हैं .