77 साल से भूखे बाबा योग के बल पर हैं जीवित नहीं खाया अन्न का एक दाना !

बिना पानी और खाने के जिंदा है बाबा !!

दोस्तों दुनिया में बहुत से साधू-संत है जो अपने आप में एक अलग पहचान है और ये लोग चमत्कार कर हमे आज भी ये मानने के लिए बाध्य करते है आज भी भी भारत में हिन्दू धर्म मे चमत्कार होते है नीचे हम आपको एक ऐसे साधू के बारे में बताने जा रहे है जिनकी कहानी सुनने के बाद आप कहने लगोगे ऐसा कैसे हो सकता है.

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एक ऐसे साधू जिसकी उम्र 85 साल है और इनका नाम प्रहलाद जानी है आपकी जानकारी के लिए बता दें ये महिला साधू है लेकिन लोग इन्हें बाबा कहकर पुकारते है और इसके अलावा बहुत से लोग इन्हें प्यार से माताजी चुनरी वाले भी बुलाते है. ये अपने आप में एक चमत्कार से कम नही है क्योंकि ये इस धरती पर 77 सालों से बिना कुछ खाए पिए जिंदा है इनका कहना है कि ये लोग साधना करते है  इन्होंने दैनिक क्रियाओं को भी योग की शक्ति से नियंत्रित कर रखा है.

बताते चले प्रहलाद जानी ने 7 साल की आयु में ही अपना घर छोड़ दिया था और 1940 से वे केवल हवा के दम पर जीवित है ये मां दुर्गा की आराधना करती है और 77 सालो से उन्होंने न तो अन्न का एक दाना लिया है और न पानी पिया है ये स्वयं कहते है कि इनको माँ दुर्गा का वरदान है जब ये 12 साल के थे तब कुछ साधू लोग इनके पास आए और कहने लगे कि हमारे साथ चलो लेकिन इन्होने मना कर दिया. इस घटना के 6 महीने बाद प्रहलाद जानी के पास 3 कन्याएं आई और उनकी जीभ पर अपनी ऊँगली रखी और उस दिन से उन्हें न तो भूख लगती है न प्यास .

बता दें, प्रहलाद जानी की भूख प्यास को लेकर अब तक कई डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की टीमें स्टडी कर चुकी है लेकिन किसी को कुछ पता नही चला. कुछ ने तो उकी सच्चाई जानने के लिए इन्हें 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रखा गया, यहां तक कि नहाने और ब्रश करने के लिए भी पानी पहले से ही नापतौल कर दिया जाता रहा.

हर आधे से एक घंटे में प्रहलाद जानी को फिजीशियन, कार्डियोलॉजिस्ट, गेस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट,एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, डायबिटोलॉजिस्ट, यूरो सर्जन, आंख के डॉक्टर और जेनेटिक के जानकार डॉक्टरों की टीम के जरिये चेक किया जाता रहा और उनकी रिपोर्ट तैयार की जाती रही. 15 दिन लगातार मॉनिटिरिंग के बाद वैज्ञानिक हैरान हैं. प्रहलाद अपने दावे में अभी तक खरे उतरे हैं.