9 महीनो में PWD विभाग से 280 इंजीनियरों को किया सस्पेंड

9 महीने में PWD विभाग के 280 इंजीनियर को किया सस्पेंड, सामने नहीं आया किसी का नाम

लखनऊ. में बताया जा रहा है कि  सुशासन का दावा करने वाली योगी सरकार अब अधिकारियों के कार्यशैली को लेकर सख्त हो गई है। डिप्टी सीएम केशव मौर्य के विभाग में सरकार बनने से लेकर अब तक 280 से ज्यादा जेई-AE और दूसरे लोगों को सस्पेंड किया गया है। ये कार्रवाई कर्मचारियों की अनियमिता, काम की शैली को लेकर की गई है। 280 से ज्यादा जेई और दूसरों को भी सस्पेंड किया गयाI

Image result for डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की पिक्स

बताया जा रहा है कि 9 जनवरी को देर रात डिप्टी सीएम केशव मौर्य के डिपार्टमेंट से जारी हुए प्रेस नोट में बताया गया कि ‘गड्ढ़ा मुक्ति अभियान’ में गड़बड़ी पाए जाने के बाद 120 से ज्यादा इंजीनियर को सस्पेंड किया गया है गड्ढा मुक्ति अभियान में गडबडी करने के चक्कर में 120 से ज्यादा इंजिनियर को नोकारियों से सस्पेंड कर दिया गया हैI

मई 2017 सस्पेंड हुए थे 120 इंजीनियर

डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने गड्ढ़ा मुक्ति अभियान चलाते हुए अप्रैल -मई 2017 के बीच करीब 60 इंजीनियर, 40 जेई और अन्य कर्मचारियों पर कार्यों में धीमी गति का आरोप लगाते हुए सस्पेंड किया था। चीफ इंजीनियर विजय कुमार  से लेकर सबके नामों की लिस्ट मांगी थी। तब डाटा कम्पाइल करते हुए मेल पर भेजने की बात कही गई, लेकिन कई महीनों बाद भी इसकी कोई लिस्ट नहीं प्रोवाइड कराई गई। जिसकी बजहा से हमको यह कदम उठाना पड़ा I

9 महीने में PWD विभाग के 280 इंजीनियर को किया सस्पेंड, सामने नहीं आया किसी का नाम

जून 2017 से अगस्त तक 42 इंजिनियर हटाये 

जून 2017 में जब गड्ढ़ा मुक्ति अभियान तक पूरा नहीं हो पाया। उसके बाद फिर से डिपार्टमेंटल जांच के आदेश दिए गए। धीमी गति से काम करने के आरोप में इंजीनियर की जांच पूरी कही।  और अगस्त 2017 में 42 इंजीनियरों को हटा दिया गया। इसकी सूचना भी डिपार्टमेंटल लेटर जारी करके दी गई। हर बार की तरह इस बार भी किसको सस्पेंड किया गया। इसकी जानकारी नहीं दी गई।

पिछली सरकार में ऐसे चलता था रैकेट

पॉलिटिकल एक्सपर्ट शरद प्रधान ने कहा- ये पीडब्ल्यूडी से जुड़ा पुराना धंधा है। इसके पहले भी मंत्री इसी तरह का रैकेट चलाते थे। ये कर रहे हैं, इसमें कुछ नया नहीं है। मुझे लगता है कि बीजेपी सरकार से जनता को उम्मीद थी, वो पूरी नहीं हो पाएगी। बदलाव नहीं दिखाई दे रहा है। योगी सरकार के मन में अगर कोई गलत बात नहीं, तो उन्हें सस्पेंड किए हुए इंजीनियर्स और अफसरों की लिस्ट मीडिया में सार्वजनिक क्यों नहीं की।

Image result for पॉलिटिकल एक्सपर्ट शरद प्रधान उतर प्रदेश की पिक्स

इसमें कोई संदेह नहीं कि ये एक बड़ा करप्शन है। अगर नहीं हैं तो उसको संरक्षण जरूर दिया जा रहा है। डिप्टी सीएम केशव मौर्य अपनी इमेज इन आला अधिकारियों से जरूर बचाने चाहिए। मंत्री ने कहा यह नियम तो पुराना ही है  नी लगता की इसमें  भी अलग हुआ हो इसमे कोई भी संदेह नही है कि यह बड़ा करप्शन है अगर नही है तो डीप्ती सीएम केशव मौर्य अपनी  इमेज इन आला अधिकारीयों से जरुर बचाने चाहिएI

NEWS SOURCE